पूर्वी दिल्ली की शाहदरा विधानसभा सीट पर भाजपा को 1993 में सफलता मिली थी। इसके बाद यह लगातार तीन बार कांग्रेस के नरेंद्र नाथ के कब्जे में रही। पिछले दो चुनावों से यहां आम आदमी पार्टी के रामनिवास गोयल जीतते रहे जिन्होंने व्यक्तिगत कारणों से इस बार चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। 2013 में शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर जीते जितेंद्र सिंह शंटी इस बार आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव मैदान में हैें। व्यक्तिगत लोकप्रियता के भरोसे शंटी इस बार भी जीत का दावा कर रहे हैं।
भाजपा ने इस विधानसभा चुनाव में शाहदरा विधानसभा सीट पर संजय गोयल को एक बार फिर से मैदान में उतारा है। 2020 में संजय गोयल रामनिवास गोयल से करीब पांच हजार वोटों के अंतर से हार गए थे। ऐसे में यदि इस बार के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार जगत सिंह मजबूत लड़ाई लड़ते हैं तो भाजपा को बीच में लाभ मिल सकता है।
इस सीट पर प्रमुख तौर पर लड़ाई दो समाज सेवकों के बीच हो रही है। जितेंद्र सिंह शंटी अपने सेवा कार्यों के लिए क्षेत्र में जाने जाते हैं तो भाजपा के संजय गोयल एक प्रसिद्ध समाजसेवी हैं। वे चैरिटेबल अस्पताल चलाते हैं जिससे उनकी भी क्षेत्र में जबरदस्त लोकप्रियता है। अपनी इसी लोकप्रियता के आधार पर उन्होंने पिछली बार रामनिवास गोयल को कड़ी टक्कर दी थी। इस बार भी लड़ाई इन्हीं दो प्रमुख चेहरों में मानी जा रही है। हालांकि, कांग्रेस के जगत सिंह भी क्षेत्र में अच्छा चुनाव लड़ रहे हैं।
बसावट
दिल्ली की शाहदरा विधानसभा सीट कई मायनों में पूर्वी दिल्ली की सबसे प्रमुख सीट बन जाती है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि इस इलाके में पूर्वी दिल्ली की सबसे पॉश कॉलोनियां विवेक विहार भी आती हैं तो विवेक विहार और झिलमिल जैसे दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्र भी। इस इलाके में छोटी-छोटी बहुत सी फैक्ट्रियां भी हैं जिसमें काम करने के लिए सस्ती कीमतों पर मजदूर चाहिए जो पूरी होती है इन्हीं इलाकों के आसपास की झुग्गी-झोपड़ियों से जहां पूर्वांचल से आए लोग बड़ी संख्या में रहते हैें।
मुद्दे
क्षेत्र की समस्याएं भी कमोबेश उसी तरह की हैं जैसी दिल्ली के अन्य इलाकों में। सीवर की गंदगी इन इलाकों में भी सड़कों पर बहती हुई दिखाई देती है। पानी की सप्लाई के बारे में यहां भी लोग दिल्ली सरकार से संतुष्ट नहीं हैं। मूलभूत आवश्यकताओं के साथ-साथ व्यापारियों का आरोप है कि उन्हें पड़ोसी राज्यों की तुलना में महंगी बिजली मिल रही है।
क्या कहते हैं नेता
शाहदरा से भाजपा प्रत्याशी संजय गोयल ने अमर उजाला से कहा कि इस क्षेत्र की समस्याओं पर सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया है। यही कारण है कि एक पॉश कॉलोनी होने के बाद भी इसके आसपास झुग्गी-झोपड़ियों वाली गंदगी हर समय दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि उनका वादा है कि दिल्ली में भाजपा की सरकार आने पर सबसे पहले पूरे क्षेत्र की साफ-सफाई पर ध्यान दिया जाएगा।
संजय गोयल ने कहा कि भाजपा का सबसे बड़ा वादा हर महिला, बुजुर्ग और दिव्यांग को 2500 रुपये देने का है। वे सरकार बनने पर इसे पूरा कराएँगे। हर परिवार को दस लाख रुपये का बीमा, हर परिवार को आयुष्मान योजना का लाभ और केजी से पीजी तक कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा का लाभ दिलाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर के सपनों को पूरा करते हुए हर दलित परिवार के बच्चों को आर्थिक सहायता देकर उन्हें सक्षम बनाने का प्रयास करेंगे।
आम आदमी पार्टी को केजरीवाल की लोकप्रियता का भरोसा
आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता संजीव कौशिक ने अमर उजाला से कहा कि उनकी पार्टी का सबसे बड़ा दांव जनता के हित के लिए किए गए कामों पर है। गरीब लोगों को मुफ्त बिजली, पानी, हर परिवार को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और इलाज पर पार्टी को भरोसा है। उन्होंने कहा कि शहादरा से उनके उम्मीदवार स्वयं एक बड़े समाजसेवी हैं और उनकी लोकप्रियता के बल पर भी पार्टी जीत हासिल करने के प्रति आश्वस्त है।
संजीव कौशिक ने कहा कि सभी पार्टियां आज जनता की सेवा करने के मामले में केजरीवाल के मॉडल का अनुसरण कर रही हैं। आज भाजपा हो या कांग्रेस, सभी उनके कामों का ही पालन कर रहे हैं। ऐसे में जनता नकली लोगों का चयन नहीं करेगी और वह उसी को लाएगी जो समाज की असली सेवा करता है।
भाजपा-आप का भ्रष्टाचार खुला- कांग्रेस
कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. अनित सिंह ने अमर उजाला से कहा कि पिछले 11-12 सालों में दिल्ली ने यह देख लिया है कि आम आदमी पार्टी केवल भ्रष्टाचार की राजनीति करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने राजनीति बदलने की बात की थी, लेकिन अब देखा जा रहा है कि वे हर काम में भ्रष्टाचार करके एक नया रिकॉर्ड कायम कर चुके हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली-पानी हर आवश्यक सेवा को देने में केजरीवाल असफल रहे हैं।
डॉ. अनित सिंह ने कहा कि दिल्ली के लोग साल के 365 दिनों में 300 से ज्यादा दिन गंदी हवा में सांस लेते हैं और इसके कारण लोगों की दस से 12 साल जिंदगी कम हो जा रही है। इसकी जिम्मेदारी केजरीवाल पर है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता इस बार भाजपा-आप को नहीं कांग्रेस को चुनेगी।