टीपू सुल्तान की जयंती मनाने पर पहले विवादों में घिर चुकी कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की एक और मुस्लिम शासन के जश्न मनाने की योजना से विवाद खड़ा हो गया है। राज्य की सिद्धारमैया की सरकार दरअसल बहमनी सल्तनत की कला और संस्कृति का उत्सव मनाना चाहती है। सरकार की इस प्रस्तावित योजना से सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी भाजपा आमने-सामने आ गए हैं।
टीपू सुल्तान की जयंती मनाने पर पहले भी विवादों में घिरी थी कांग्रेस सरकार
भाजपा ने प्रस्तावति बहमनी उत्सव पर आपत्ति जताई है। भाजपा सांसद शोभा करंदलाजे सैदिन का कहना है कि बहमनी के शासक हिंदुओं के हत्यारे और मंदिरों को तोड़ने वाले थे। उन्होंने लाखों हिंदुओं को मारा, महिलाओं से बलात्कार किया और अब कांग्रेस उनका जश्न मना रही है। वहीं कांग्रेस के कलबुर्गी जिला प्रभारी मंत्री शरण प्रकाश पाटिल ने कहा कि यह एक दिन का उत्सव होगा।
उत्सव मनाने का फैसला वहां के साहित्यकारों से परामर्श के बाद लिया गया। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा उन्हें बहमनी उत्सव की कोई जानकारी नहीं है। वह इसका पता करेंगे। बहमनी सल्तनत मुस्लिम साम्राज्य था, जिसने दक्कन क्षेत्र में करीब 1347 से 1526 के बीच शासन किया। बीदर और कलबुर्गी को इसकी राजधानी बताया जाता है।