पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के हनी ट्रैप में सेना के एक और अफसर के फंसने का मामला सामने आया है। जबलपुर में तैनात रहे एक ले. कर्नल को हिरासत में लिया गया है। बैंक खाते में एक करोड़ रुपये ट्रांसफर होने के बाद यह अफसर सेना की इंटेलीजेंस विंग के राडार पर था। लखनऊ स्थित मध्य कमान के इंटेलीजेंस ब्यूरो को इस अफसर के खाते में बड़ी रकम जमा होने की खबर में मिली थी। जबलपुर मध्य कमान के अंतर्गत आता है। पूछताछ के लिए अफसर को लखनऊ लाया जाएगा।
सेना के खुफिया सूत्रों के मुताबिक ले. कर्नल जबलपुर के 506 आर्मी बेस वर्कशॉप से जुड़ा हुआ है। हनी ट्रैप की भनक लगने पर लखनऊ स्थित मध्य कमान के इंटेलीजेंस ब्यूरो की अधिकारियों की टीम जबलपुर भेजी गई। जहां ले. कर्नल के खाते में एक करोड़ रुपये जमा किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद ले. कर्नल के जबलपुर स्थित दफ्तर में छापेमारी हुई और कम्प्यूटर सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जब्त किया गया।
सूत्रों का कहना है कि ले. कर्नल के जिस बैंक खाते में इतनी बड़ी रकम जमा की गई, वह संदिग्ध है। पूरी गोपनीयता के साथ खुफिया टीम जांच में लगी हुई है। मध्य कमान से जबलपुर गई टीम ले. कर्नल को लखनऊ ला रही है, जहां पूछताछ की जाएगी। सूत्रों के अनुसार ले. कर्नल ने कुछ बेहद गोपनीय दस्तावेज लीक किए हैं। सैन्य अफसरों ने जबलपुर आर्मी बेस वर्कशॉप में ले. कर्नल से करीब 12 घंटे तक पूछताछ व छानबीन की। हालांकि सेना के अफसर पूरी एहतियात बरत रहे हैं और आधिकारिक तौर पर कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। वायुसेना के ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के हनी ट्रैप में फंसने का मामला सामने आया था।