भारत बायोटेक के अध्यक्ष डॉ. कृष्णा इल्ला (फाइल फोटो)
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टीका निर्माता कंपनी भारत बायोटेक के संस्थापक डॉ. कृष्णा एल्ला ने सुझाव दिया है कि भारतीय दवाओं के लिए 'एक गुणवत्ता एक मानक' (one quality one standard) सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्य दवा नियामकों को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के साथ विलय कर दिया जाना चाहिए।
उनका यह बयान बीते दिनों भारतीय दवाओं की गुणवत्ता को लेकर उठाए जा रहे सवालों की पृष्ठभूमि में आया है। बता दें, हाल ही में तमिलनाडु स्थित ग्लोबल फार्मा हेल्थकेयर को अमेरिका में कथित रूप से आंखों में संक्रमण के मामले सामने आने के बाद सभी आई ड्रॉप को वापस लेना पड़ा। पिछले साल, भारत में निर्मित कफ सिरप से गाम्बिया और उज्बेकिस्तान में कथित तौर पर बच्चों की मौत के मामले सामने आए थे।
इस मामलों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि कुछ मामलों को लेकर पूरे भारतीय दवा उद्योग को बदनाम नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों में भी कुछ कंपनियों को गुणवत्ता के मुद्दों पर दंडित किया गया है। एल्ला ने कहा कि भारत में दवाओं के लिए एक नियामक होना चाहिए। सभी राज्य दवा नियामक निकायों को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) में विलय कर दिया जाना चाहिए और इससे समस्या का समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए राजनीतिक निर्णय और प्रतिबद्धता की जरूरत है।
नेजल कोविड वैक्सीन की आपूर्ति शुरू
भारत बायोटेक अपनी नेजल कोविड वैक्सीन की आपूर्ति करनी शुरू कर दी है। कंपनी के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. कृष्णा एल्ला ने रविवार को कहा कि हमने दो दिन पहले कुछ अस्पतालों को नेजल कोविड वैक्सीन की तीन लाख खुराक भेजी है। बेंगलुरु में एक कार्यक्रम से इतर उन्होंने यह बयान दिया। बेंगलुरु में यूडब्ल्यू-मैडिसन वन हेल्थ सेंटर (UW-Madison One Health Centre) की स्थापना के लिए रविवार को विस्कॉन्सिन विश्वविद्यालय (यूडब्ल्यू)-मैडिसन ग्लोबल हेल्थ इंस्टीट्यूट (जीएचआई) और एला फाउंडेशन के बीच द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
दुनिया की पहली नेजल कोविड वैक्सीन iNCOVACC को 26 जनवरी को लॉन्च किया गया था। यह अब कोविन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इसकी कीमत निजी बाजारों के लिए 800 रुपये और सरकारों के लिए 325 रुपये है।
भारत बायोटेक के वैक्सीन का निर्यात करने के संबंध में मीडिया के सवाल पर डॉ. एल्ला ने कहा कि कुछ देशों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने नेजल वैक्सीन के लिए कंपनी से संपर्क किया है। एल्ला ने कहा कि बेंगलुरु में यूडब्ल्यू-मैडिसन वन हेल्थ सेंटर साल 2023 के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह हेल्थ सेंटर भारत के लिए नए टीकों के विकास और उत्पादन में मदद करेगा। इसके अलावा भारतीय छात्रों और शोधकर्ताओं को UW विशेषज्ञता और प्रशिक्षण तक पहुंच प्रदान करेगी और भारत में अनुसंधान क्षमता का निर्माण करेगी।