इन नेताओं ने जताया दुख
हालांकि, ऐसा नहीं है कि कांग्रेस के सभी नेताओं ने जितिन प्रसाद के कांग्रेस छोड़ने पर खुशी जताई है। कुछ सीनियर नेताओं ने जितिन के पार्टी छोड़ने पर दुख भी जताया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अमर उजाला से कहा कि जितिन प्रसाद युवा, ऊर्जावान और कार्यकुशल नेता थे। पार्टी में रहकर उन्होंने कमजोर वर्गों की आवाज उठाई और लोगों की सेवा के लिए काम किया।
आत्ममंथन करे पार्टी
वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने कहा है कि जितिन प्रसाद का पार्टी छोड़कर जाना दुखद है, ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को इस बात का आत्ममंथन करना चाहिए कि लोग कांग्रेस पार्टी छोड़कर क्यों जा रहे हैं। पार्टी को ऐसे लोगों की सोच को उचित सम्मान देना चाहिए।
भाजपा ने किया स्वागत
एक तरफ जहां कांग्रेस उन्हें कूड़ा बताने पर आ गई, वहीं भाजपा ने जितिन प्रसाद का पार्टी में स्वागत किया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जितिन प्रसाद का पार्टी में स्वागत है। उनके आने से उत्तर प्रदेश में पार्टी को मजबूती मिलेगी। इसी प्रकार भाजपा के कई शीर्ष नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने उनका स्वागत किया है।
भाजपा का मानना है कि जितिन प्रसाद नाराज ब्राह्मण मतदाताओं को उसके पाले में दोबारा लाने में मददगार साबित हो सकते हैं। उत्तर प्रदेश में लगभग 15 फीसदी ब्राह्मण मतदाता हैं जो इस समय मुख्य रूप से भाजपा को वोट करते हैं। लेकिन बताया जाता है कि वर्तमान प्रदेश सरकार से ब्राह्मणों का मोहभंग हो गया है जिसे भाजपा हर हाल में सुधारना चाहती है और इसके लिए कई प्रतीकात्मक कदम भी उठा रही है।