जल्द ही केंद्र सरकार की तरह राज्यों की ओर से भी मिलने वाली सभी तरह की सहायता, पेंशन जैसी सुविधाओं का लाभ प्रत्यक्ष नगद हस्तांतरण (डीबीटी) के जरिये ही हासिल हो पाएगा। शनिवार को अंतरराज्यीय परिषद की बैठक में सभी राज्यों ने केंद्र सरकार के डीबीटी का इस्तेमाल करने और इसके लिए आधार को पहचान पत्र बनाने संबंधी प्रारूप पर अपनी सहमति दे दी।
सभी राज्य अपनी तमाम योजनाओं का भुगतान चरणबद्ध तरीके से डीबीटी के माध्यम से करने पर राजी हो गए हैं। गौरतलब है कि हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, आंध्र प्रदेश सहित आधा दर्जन राज्यों ने अपनी सब्सिडी से जुड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत डीबीटी से जोड़ा था। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेशों ने भी सब्सिडी देने के लिए यही रास्ता अपनाया था।