सऊदी अरब में सड़कों पर भूख और डर के साये में जी रहे 24 भारतीय श्रमिकों ने सरकार से अपने घर लौटने की गुहार लगाई है। सऊदी अरब में फंसे इन श्रमिकों में 10 आंध्र प्रदेश, चार तेलंगाना और 10 ओडिशा से हैं। टीओआई की एक खबर के मुताबिक एक एजेंट ने उनके साथ धोखा कर सऊदी अरब में एक कपंनी में काम के लिए भेजा।
श्रमिकों ने कंपनी पर आरोप लगाया है कि उन्हें खतरनाक परिस्थितियों में काम करने के लिए मजूबर किया जाता है। श्रमिकों का कहना है कि अब उनका संकट और बढ़ गया है। कपंनी द्वारा निकाले जाने के बाद दूतावास जो उनकी मदद के लिए आगे आया था अब वह भी ध्यान नहीं दे रहा है।
श्रमिकों ने तेलंगाना के एनआरआई मामलों के मंत्री के टी रामाराव को एक वीडियो संदेश भेजा है जिसमें उन्होंने मदद की गुहार लगाई है। मंत्री ने श्रमिकों से संपर्क करने के लिए सभी का ब्यौरा मांगा है। श्रमिकों का कहना है कि ''हमारे पास खाने लिए खाना नहीं है, हम सड़कों पर रह रहे हैं। कंपनी द्वारा हमें मारने के लिए जोखिम भरा काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।'' मंत्री को लिखे चार पेज के पत्र में श्रमिकों ने अपने दर्द और हालात को बयां किया है।