तमिलनाडु में स्टालिन सरकार और राज्यपाल आर एन रवि के बीच जारी गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब उन्होंने गैर-भाजपा शासित राज्यों से अपनी-अपनी विधानसभाओं में 'राज्यपाल के लिए विधेयक को मंजूरी देने की समयसीमा तय' करने संबंधी प्रस्ताव पारित करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही स्टालिन ने केंद्र सरकार से भी आग्रह किया है कि वह विधानसभाओं द्वारा पारित विधेयकों को मंजूरी देने के लिए राज्यपालों के लिए समय सीमा तय की जाए।
स्टालिन ने गैर भाजपा शासित राज्यों के प्रमुखों को लिखा पत्र
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने बुधवार को गैर-भाजपा शासित राज्यों से अपनी-अपनी विधानसभाओं में प्रस्ताव पारित करने का आग्रह किया। साथ ही केंद्र से अनुरोध किया कि विधानसभाओं द्वारा पारित विधेयकों को मंजूरी देने के लिए राज्यपालों के लिए समय सीमा तय की जाए।
गैर भाजपा शासित राज्यों के अपने समकक्षों को तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने लिखा है कि कुछ राज्यपाल आज अनिश्चित काल के लिए विभिन्न विधेयकों को रोक रहे हैं, जो राज्य विधानसभाओं द्वारा विधिवत पारित किए गए हैं और अनुमोदन के लिए भेजे गए हैं। राज्यपाल के ऐसा करने से संबंधित राज्य प्रशासन बिलों से संबंधित ऐसे क्षेत्रों में गतिरोध में आ गए हैं। उन्होंने पत्र में आगे लिखा कि हमारे कई प्रयास विफल रहे और हमें पता चला कि कई अन्य राज्यों में भी ऐसे ही मुद्दे हैं। ऐसे में हमने अपनी राज्य विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित करके केंद्र सरकार और भारत के राष्ट्रपति से समय सीमा तय करने का आग्रह किया।
की यह अपील
अपने पत्र में सीएम एमके स्टालिन ने 10 अप्रैल, 2023 को तमिलनाडु विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव की एक प्रति संलग्न की है। साथ ही उन्होंने कहा मुझे यकीन है कि आप संकल्प की भावना और इस विषय से सहमत होंगे। साथ ही संप्रभुता और स्वयं को बनाए रखने के लिए इस संबंध में अपना समर्थन देंगे। उन्होंने अपील करते हुए लिखा कि आप भी अपने राज्य की विधानसभा में इसी तरह का प्रस्ताव पारित करके राज्य सरकारों और विधानसभाओं का सम्मान करें।
पत्र में उन्होंने यह भी लिखा है कि संविधान में राज्यपाल के साथ-साथ संघ और राज्य सरकारों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया है। हालांकि, ऐसे समय-परीक्षित सिद्धांतों का न तो सम्मान किया जाता है और न ही अब उनका पालन किया जा रहा है, इसका राज्य सरकारों के कामकाज पर असर पड़ता है। स्टालिन ने कहा कि जैसा कि आप जानते हैं, भारतीय लोकतंत्र आज एक चौराहे पर खड़ा है और तेजी से हम राष्ट्र के शासन से सहकारी संघवाद की भावना को लुप्त होते देख रहे हैं।
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तमिलनाडु विधानसभा ने किया था प्रस्ताव पारित
तमिलनाडु सरकार ने सोमवार को राज्य विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश किया। इसमें केंद्र सरकार और राष्ट्रपति से आग्रह किया गया कि वे विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों को एक निश्चित अवधि के भीतर स्वीकृति देने के लिए तुरंत तमिलनाडु के राज्यपाल को उचित निर्देश जारी करें।
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बता दें, तमिलनाडु के मंत्री दुरई मुरुगन ने राज्य विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने तमिलनाडु की विधानसभा की विधायी शक्ति स्थापित करने और राज्यपाल को लोगों के हितों के खिलाफ कार्य करने से रोकने के लिए केंद्र सरकार और राष्ट्रपति से आग्रह किया गया कि वे विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों को एक निश्चित अवधि के भीतर स्वीकृति देने के लिए तुरंत तमिलनाडु के राज्यपाल को उचित निर्देश जारी करें। वहीं,मुख्यमंत्री ने भी राष्ट्रपति से इस मामले में आदेश जारी करने का आग्रह किया। स्टालिन ने विधानसभा में कहा कि लोगों के हितों के खिलाफ जो लोग काम कर रहे हैं। उन्हें जल्द रोका जाना चाहिए।
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