एस्टेरोइड आम तौर पर बृहस्पति ग्रह की कक्षा में पाए जाते हैं। कुछ एस्टेरोइड दूसरे ग्रहों की कक्षा में भी घूमते पाए गए हैं और इसी ग्रह के साथ-साथ सूरज की भी परिक्रमा करते रहते हैं।
वैज्ञानिकों के पास अब तक लगभग दस लाख एस्टेरोइड की जानकारी है। इनमें से 22 अगले सौ वर्षों में पृथ्वी के लिए खतरा भी बन सकते हैं। नैनीताल स्थित आर्य भट्ट शोध एवं प्रेक्षण विज्ञान संस्थान के अंतरिक्ष विज्ञानी डॉ. शशि भूषण पांडे ने बताया कि लगभग 4.5 अरब साल पहले जब हमारी सौर प्रणाली विकसित हो रही थी, तब गैस और धूल के कुछ ऐसे बादल जो ग्रह के रूप में विकसित नहीं हुए, बाद में एस्टेरोइड बन गए।