SSC स्कैम में फंसे पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी (बाएं)।
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WBSSC Scam : SSC घोटाला मामले में एक विशेष अदालत ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी की न्यायिक हिरासत 14 सितंबर तक बढ़ा दी है। इससे पहले पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को 31 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
23 जुलाई को किया गया था गिरफ्तार
ईडी ने 23 जुलाई को पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को गिरफ्तार किया था। तब से ही वे ईडी की हिरासत में थे। ईडी का दावा है कि उसने मुखर्जी के आवासों से 49.80 करोड़ रुपये नकद, जेवरात और सोने की छड़ें बरामद की हैं। उसने दावा किया है कि एजेंसी को संपत्तियों और कंपनियों से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। दोनों को धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया गया है।
ईडी को 100 करोड़ के घोटाले की आशंका
ईडी को आशंका है कि शिक्षक भर्ती घोटाला 100 करोड़ से ज्यादा का हो सकता है। ईडी की टीम ने अर्पिता के चार ठिकानों पर छापामारी शुरू की थी। अधिकारी जब अर्पिता के बेलघरिया फ्लैट का ताला तोड़कर अंदर घुसे तो वहां नोटों के बंडल मिले। जिनकी गिनती करने के लिए पांच मशीनें मंगाई गईं। इससे पहले अर्पिता के टॉलीगंज स्थित फ्लैट से 21 करोड़ रुपए मिले थे। अर्पिता के ठिकानों से अब तक कुल 53.22 करोड़ रुपये नकद मिले थे।