कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के जीडी 2018 के आवेदक, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में भर्ती होने के लिए अब भी जद्दोजहद कर रहे हैं। उन्हें चिंता है कि कहीं इस बार भी उनके साथ 2011 और 2015 वाली कहानी तो नहीं दोहराई जाएगी और आखिरी वक्त में उन्हें नियुक्ति से रोक तो नहीं दिया जाएगा।
कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन के मुताबिक 2011 और 2015 में कर्मचारी चयन आयोग की ओर से केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में सिपाही के पद के लिए सभी योग्यताएं पूरी कर चुके हजारों आवेदकों की नियुक्ति रोक दी गई थी। वे सभी आवेदक ऐसे थे, जो शारीरिक दक्षता परीक्षा और मेडिकल जांच में पास हो गए थे। अब एसएससी जीडी 2018 की परीक्षा पास करने वाले 85 हजार आवेदकों को यह आशंका सता रही है कि उनकी नियुक्ति को भी जानबूझ कर अधर में लटकाया जा रहा है। तीसरे साल में भी उन्हें नियुक्ति पत्र मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही।
एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह बताते हैं कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के आवेदक परेशान हो गए हैं। कोई भी परीक्षा है तो उसका नतीजा ज्यादा से ज्यादा एक साल में आ जाना चाहिए। इन आवेदकों ने 2018 में एसएससी की जीडी परीक्षा के लिए फार्म जमा किया था। अब तीसरा साल होने को है, लेकिन इन्हें नियुक्ति पत्र नहीं मिल सका। इन्हें यह डर सता रहा है कि कहीं इनके साथ भी पिछली कहानी तो नहीं दोहराई जा रही। उस परीक्षा के आवेदक नियुक्ति पत्र पाने के लिए आज भी अदालतों के चक्कर काट रहे हैं। बहुत से आवेदकों ने सरकार की लचर प्रक्रिया के चलते खुद को शारीरिक नुकसान तक पहुंचा लिया था।
अब एसएससी जीडी 2018 की परीक्षा का भी वही हाल हो गया है। तीन साल में भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। रणबीर सिंह के अनुसार, अंदाजा लगा सकते हैं कि भर्ती करने वाली एजेंसियां कितनी लचर हैं। इस बार तो 85 हजार आवेदक नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में करीब एक लाख रिक्तियां हैं। सभी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में लगभग 60 हजार पद भरे जाने हैं। ऐसे में सरकार को चाहिए कि वह मेडिकल परीक्षा पास कर चुके 85 हजार आवेदकों को नियुक्ति पत्र दे।
ट्विटर अभियान से जुड़े छह लाख से अधिक आवेदक
एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने रविवार को एसएससी जीडी उम्मीदवारों के साथ मिलकर ट्विटर पर अभियान शुरु किया था। इसे 'एसएससी जीडी ब्लैक दिवाली राजघाट' हैशटेग के जरिए आगे बढ़ाया गया। करीब छह लाख आवेदक इस अभियान से जुड़ गए हैं। रणबीर सिंह ने इन आवेदकों को 12 नवंबर को दिल्ली के राजघाट पर बुलाया है।
इससे पहले नौ नवंबर को भी ऐसा ही अभियान ट्विटर पर चलाया जाएगा। अगर तब तक भी इन आवेदकों को नियुक्ति पत्र नहीं मिलता है तो देश के लाखों आवेदक 12 नवंबर को राजघाट पर पहुंचेंगे। रणबीर सिंह कहते हैं, 85 हजार मेडिकल फिट आवेदकों को नियुक्ति पत्र जारी करने से सरकार का बजट नहीं गड़बड़ाएगा, बल्कि देश की अंदरूनी एवं बाहरी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में बल मिलेगा।