तमिलनाडु के रामेश्वरम और आस-पास के इलाकों के दस मछुआरों को श्रीलंकाई नौसेना ने कच्चातिवु के पास गिरफ्तार किया है। उन पर समुद्री सीमा पार करने और श्रीलंकाई जलक्षेत्र में मछली पकड़ने का आरोप है।
आज अदालत में होगी पेशी
गिरफ्तारी से मछुआरों पर क्या असर हो रहा है?
उस गिरफ्तारी के विरोध में रामेश्वरम के मछुआरे एक दिन के लिए समुद्र से दूर रहे। मछुआरों के प्रतिनिधियों ने कहा कि बार-बार गिरफ्तारी और नावों की जब्ती ने उनकी आजीविका को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे उनके परिवार आर्थिक और भावनात्मक रूप से तनावग्रस्त हो गए हैं।
मछुआरा नेता ने क्या राज्य सरकार पर क्या आरोप लगाया?
मछुआरा नेता जेसु राजा ने केंद्र और तमिलनाडु सरकारों पर बार-बार होने वाले समुद्री विवाद का स्थायी समाधान खोजने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मछुआरा समुदाय ने प्रभावी राजनयिक हस्तक्षेप के लिए बार-बार अपील की थी, लेकिन खाड़ी में जाने पर उन्हें लगातार गिरफ्तारियों का सामना करना पड़ रहा था।
सरकार से क्या आग्रह किया?
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें मूक दर्शक बनी रहीं और कहा कि निर्णायक कार्रवाई करने में उनकी विफलता के कारण मछुआरों के परिवारों को कठिनाई और मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ा है। मछुआरा समुदाय ने अधिकारियों से गिरफ्तार किए गए लोगों और उनकी नाव की तत्काल रिहाई सुनिश्चित करने और इसी तरह की घटनाओं को रोकने के लिए श्रीलंका के साथ बातचीत शुरू करने का आग्रह किया।