तमिलनाडु के नागपट्टिनम जिले के मछुआरों ने बुधवार को आरोप लगाया कि एक श्रीलंकाई नौसेना का जहाज जानबूझकर उनकी मछली पकड़ने वाली नाव से टकराया, जिससे उनकी नाव पलट गया। इस घटना में मछुआरों को चोटें आईं और उनके मछली पकड़ने के उपकरण व अन्य सामग्री को नुकसान पहुंचा, जिनकी कीमत लाखों रुपये है।
इन मछुआरों में शामिल सक्थिवेल ने नागपट्टिनम में पत्रकारों को बताया कि 10 सितंबर की शाम को चार मछुआरे कोडियक्कारी तट के पास मछली पकड़ने के लिए नाव में थे। उसी दौरान एक विदेशी जहाज ने उन्हें धीमा नाव चलाने का संकेत दिया। मछुआरों ने तुरंत उनका आदेश मान लिया और हाथ उठाकर संकेत दिया। लेकिन नौसेना का जहाज उनकी नाव से टकरा गया, जिससे उनकी नाव पलट गई। वे समुद्र में मछली के जाल में फंसे। जिससे उन्हें चोटें आईं और संघर्ष करना पड़ा।
उन्होंने बताया कि मछली पकड़ने की जाल, जीपीएस आधारित संचार उपकरण, मछलियों को रखने के लिए आईस-बॉक्स, मोबाइल फोन सभी खराब हो गए हैं। इनकी कुल कीमत करीब 6.5 लाख रुपये है। मछुआरों ने कहा कि श्रीलंकाई नौसेना के कर्मियों ने कर्मियों ने उन्हें लाइफ जैकेट प्रदान किए और फिर अन्य मछुआरों ने उनकी मदद की। कई घंटों तक संघर्ष करने के बाद पलटी हुई नाव पलटने में मछुआरे सफल रहे और उसे मछली पकड़ने के बंदरगाह तक ले आए।