कोलंबो के ही स्थानीय व्यापारी राजन बताते हैं कि इस वक्त हर श्रीलंका का नागरिक अपना देश छोड़कर बाहर भागना चाहता है। क्योंकि जो हालात हैं वह श्रीलंका में रहने लायक नहीं बचे हैं। उन्होंने बताया कि आज जो श्रीलंका के हालात हैं वह चीन की वजह से पैदा हुए हैं। राजन कहते हैं कि कोलंबो से चार किलोमीटर दूर गोल फेस नाम की एक जगह है, जहां पर चीन ने एक बहुत बड़ा मार्केट बनाना शुरू किया है। वह कहते हैं कि श्रीलंका के ऊपर एक तरीके से चीन का कब्जा हो चुका है। क्योंकि श्रीलंका ने चीन के ऊपर आंख मूंदकर भरोसा किया और चीन ने श्रीलंका को इतने ज्यादा कर्जे में डाल दिया कि आज श्रीलंका की हालत दुनिया के सबसे बदतर देशों में हो गई है। राजन कहते हैं कि अगर ऐसे हालात में कोई देश को संभालने वाला नहीं होगा, तो देश किधर जाएगा इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। वह कहते हैं कि कोई 1000 रुपये खर्च कर एक किलो आलू कैसे खरीद कर खा सकता है। उन्होंने बताया कि चह महीने पहले श्रीलंका के बाजारों में सवा सौ रुपये किलो मिलने वाला आटा इस वक्त 400 से 500 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहा है। पेट्रोल की कीमत साढ़े चार सौ रुपये लीटर के करीब पहुंच गई है। वह कहते हैं कि जिस इलाके में वे रह रहे हैं, वहां पर दिन में बमुश्किल दो से तीन घंटे बिजली आ रही है। पूरा इलाका अंधेरे में डूबा रहता है।
इस वक्त भी कोलंबो के गोटा हाउस में जबरदस्त भीड़ है। हजारों की संख्या में लोग राष्ट्रपति भवन के अंदर मौजूद हैं। अमर उजाला डॉट कॉम को स्थानीय नागरिकों ने अभी थोड़ी देर पहले ही एक वीडियो बनाकर भेजा, जिसमें सड़कों पर मौजूद भीड़ गोटा हाउस की ओर बढ़ती हुई दिख रही है। स्थानीय नागरिक जनक बताते हैं कि लोगों के लिए खाने-पीने का संकट बना हुआ है। इसलिए श्रीलंका के जो धनाढ्य लोग हैं उन लोगों ने गरीबों को गोटा हाउस में ही लंगर चलाकर खाने का बंदोबस्त कर दिया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ लोगों के पास तो अपना राशन बचा हुआ है, लेकिन उसके खत्म होने के बाद भुखमरी और बीमारी बहुत तेजी से बढ़नी शुरू होगी।