श्रीलंका सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते लोग।
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श्रीलंका में आर्थिक संकट के बीच भारत की ओर से उन खबरों का खंडन किया गया है, जिसमें कहा गया है कि भारत अपने पड़ोसी देश में सैन्य तैनाती करने जा रहा है। श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त गोपाल बागले ने बताया कि यह एक अफवाह है। उन्होंने कहा कि श्रीलंका में सैन्य तैनाती का दावा निराधार है और इसे फैलाना नहीं चाहिए।
बागले ने कहा कि, श्रीलंका भारत का निकटतम समुद्री पड़ोसी देश है। उन्होंने कहा कि भारत श्रीलंका की मदद के लिए आगे आया है। यह महत्वपूर्ण समय है और हमने एक कदम आगे बढ़ाया है, जिससे हम अपने करीबी दोस्त का समर्थन कर सकें। उन्होंने कहा कि श्रीलंका भारत का निकटतम समुद्री पड़ोसी देश है।
राष्ट्रपति के इस्तीफे की मांग पर अड़ा विपक्ष
आर्थिक और सियासी संकट के बीच श्रीलंका में विपक्ष राष्ट्रपति गोतबाया के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है। जबकि देश भर में गोतबाया के खिलाफ प्रदर्शन जारी हैं। इस बीच, वित्तमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले अली साबरी ने विपक्ष से सरकार में बदलाव का आह्वान खत्म करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, हम आईएमएफ और विश्व बैंक के पास जाएं और कोई समाधान ढूंढें।
भारत ‘बड़ा भाई’, मोदी का आभार : सनथ जयसूर्या
श्रीलंकाई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सनथ जयसूर्या ने मौजूदा हालात पर चिंता जताई और गंभीर आर्थिक संकट को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे लोगों का समर्थन किया। उन्होंने हालात को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए भारत को ‘बड़ा भाई’ बताया।
उन्होंने कहा कि हमारे पड़ोसी और बड़े भाई के रूप में भारत ने हमेशा मदद की है। हम भारत सरकार और पीएम मोदी के आभारी हैं। हमारे लिए, मौजूदा परिदृश्य के कारण जीवित रहना आसान नहीं है। हम भारत और अन्य देशों की मदद से इससे बाहर निकलने की उम्मीद करते हैं।
उन्होंने मौजूदा आर्थिक संकट के लिए सरकार को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि हालात ठीक नहीं हुए तो ये आपदा में बदल जाएंगे। उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण विरोध की अपील करते हुए अपने राजनीति में आने की खबरों का खंडन किया।