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टिप्पणी: हनुमान चालीसा मामले में विशेष अदालत ने महाराष्ट्र सरकार को फटकारा, कही यह बात

Fri, 06 May 2022 11:38 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

विशेष न्यायाधीश आरएन रोकडे ने अपने फैसले कहा कि प्राथमिकी देखने पर प्रतीत होता है कि हनुमान चालीसा पाठ की घोषणा का आशय लोगों को उत्तेजित करना या हिंसक तरीके से सरकार गिराने से नहीं था।
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नवनीत राणा - फोटो : Social media
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विस्तार
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शिवसेना सुप्रीमो व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री पर हनुमान चालीसा पाठ करने के मामले में सांसद नवनीत राणा व उनके पति निर्दलीय विधायक रवि राणा पर राजद्रोह का केस दर्ज करने पर विशेष अदालत ने महाराष्ट्र सरकार को फटकार लगाई है। मुंबई की विशेष अदालत ने राणा दंपती के जमानत आदेश में कहा है कि निसंदेह उन्होंने अभिव्यक्ति की आजादी की सीमा लांघी है, लेकिन सिर्फ आपत्तिजनक व अपमानजनक शब्द राजद्रोह (भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए) का आरोप लगाने के लिए पर्याप्त नहीं है।

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मुंबई की विशेष अदालत ने राणा दंपती को चार मई को जमानत दी थी, जिसका 17 पन्नों का विस्तृत फैसला शुक्रवार को उपलब्ध हुआ। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर टिप्पणी को कोर्ट ने आपत्तिजनक माना है और कहा कि राणा दंपती ने बोलने की स्वतंत्रता की रेखा को पार किया है। लेकिन यह राजद्रोह का आधार नहीं हो सकता।




विशेष न्यायाधीश आरएन रोकडे ने अपने फैसले कहा कि प्राथमिकी देखने पर प्रतीत होता है कि हनुमान चालीसा पाठ की घोषणा का आशय लोगों को उत्तेजित करना या हिंसक तरीके से सरकार गिराने से नहीं था। आरोपियों ने किसी को हथियार धारण करने के लिए नहीं कहा है। उनके भाषण ने किसी हिंसा को भी जन्म नहीं दिया है। लेकिन मीडिया के सामने राणा दंपती ने मुख्यमंत्री को लेकर जो बाते कहीं है, वह बेहद आपत्तिजनक हैं। हनुमान चालीसा विवाद को लेकर पुलिस ने राणा दंपति को बीते 23 अप्रैल को गिरफ्तार किया था।

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