जब पश्चिम बंगाल सरकार के पूर्व मंत्री को वर्चुअल मोड के माध्यम से अदालत में पेश किया गया तभी ईडी के वकील फिरोज एडुल्जी ने पूर्व मंत्री द्वारा पहनी गई दो चांदी की अंगूठियों को लेकर सवाल खड़ा किया। उन्होंने अंगूठियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल जेल संहिता के नियमों के तहत कैदी के तौर पर किसी भी जेवर को पहनने की अनुमति नहीं है।
पश्चिम बंगाल स्कूल शिक्षक भर्ती घोटाले में जेल में बंद पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। अब, सीबीआई की एक एक विशेष अदालत के न्यायाधीश ने अलीपुर जेल के अधीक्षक को तलब कर फटकार लगाई है। साथ ही पूछा है कि पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी को न्यायिक हिरासत में अंगूठी पहनने की अनुमति कैसे दी गयी। गौरतलब है कि पूर्व मंत्री चटर्जी को बुधवार को विशेष अदालत के सामने पेश किया था।
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दरअसल, जब पश्चिम बंगाल सरकार के पूर्व मंत्री को वर्चुअल मोड के माध्यम से अदालत में पेश किया गया तभी ईडी के वकील फिरोज एडुल्जी ने पूर्व मंत्री द्वारा पहनी गई दो चांदी की अंगूठियों को लेकर सवाल खड़ा किया। उन्होंने अंगूठियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल जेल संहिता के नियमों के तहत कैदी के तौर पर किसी भी जेवर को पहनने की अनुमति नहीं है। इस पर चटर्जी ने न्यायाधीश से कहा कि किसी ने उन्हें नहीं बताया कि कैदी के तौर पर सुधार गृह के अंदर अंगूठियां पहनने की अनुमति नहीं है। इस दौरान पार्थ चटर्जी ने अंगूठियां उतारने का उपक्रम भी किया।
इसपर, विशेष न्यायाधीश शुभेंदु साहा ने कहा कि साफ है कि 'अलीपुर सुधार गृह के अधीक्षक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफल रहे हैं। यह केवल एक विफलता नहीं है, बल्कि या तो कर्तव्य की उपेक्षा या सुधार गृह को नियंत्रित करने में अपने अधिकार का प्रयोग करने की अनिच्छा है।' इसके बाद विशेष न्यायाधीश शुभेंदु साहा ने अलीपुर सुधार गृह के अधीक्षक को 26 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि वे पश्चिम बंगाल जेल कोड के तहत नियमों का पालन करने में असफल रहने के बारे में लिखित रूप से स्पष्टीकरण दें।