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West Bengal: बंगाल विधानसभा में स्पीकर ने खारिज किया स्थगन प्रस्ताव, भाजपा विधायकों ने सदन से किया वॉकआउट

Fri, 29 Nov 2024 02:17 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

स्पीकर ने कहा कि हमला और अत्याचारों से जुड़ा मामला पहले दिन ही सदन में चर्चा के लिए आया था। इस पर अलग से स्थगन प्रस्ताव की जरूरत नहीं है। इस पर 40 भाजपा विधायकों ने बंगाली में लिखी तख्तियां लिए सदन में फैसले का विरोध किया।
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पश्चिम बंगाल विधानसभा की फाइल फोटो - फोटो : ani
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विस्तार
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बंगाल विधानसभा से विपक्षी भाजपा विधायकों ने वॉकआउट किया। विधायकों ने कहा कि स्पीकर ने उनके पूजा के दौरान धार्मिक स्थलों पर हुए हमलों के विरोध में लाए गए स्थगन प्रस्ताव को पेश करने की अनुमति देने से मना कर दिया था। भाजपा विधायकों ने विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के साथ जब प्रस्ताव पेश करना चाहा, तो स्पीकर बिमान बंद्योपाध्याय ने याचिका खारिज कर दी।

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स्पीकर ने कहा कि हमला और अत्याचारों से जुड़ा मामला पहले दिन ही सदन में चर्चा के लिए आया था। इस पर अलग से स्थगन प्रस्ताव की जरूरत नहीं है। इस पर 40 भाजपा विधायकों ने बंगाली में लिखी तख्तियां लिए सदन में फैसले का विरोध किया। तख्तियों पर लिखा था कि बंगाल में दुर्गा पूजा, लक्ष्मी पूजा और कार्तिक पूजा पर धार्मिक स्थलों पर हमले किए गए। यह स्वीकार नहीं है। इस पर राज्य को कार्रवाई करनी चाहिए।

भाजपा के विधायकों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भी इस्तीफे की मांग की। विधायकों ने कहा कि अगर वे लोगों की संपत्ति और जान और राज्य के हर नागरिक के धार्मिक अधिकारों की रक्षा नहीं कर सकतीं। विधायकों ने करीब 15 मिनट तक सदन में नारेबाजी की।
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ऐसा व्यवहार करेंगे तो भविष्य में मुद्दों पर बात करने की अनुमति नहीं मिलेगी: स्पीकर
स्पीकर ने भाजपा विधायकों से कहा कि अगर आप ऐसा ही व्यवहार करते रहेंगे तो मैं आपको भविष्य में मुद्दों पर बात रखने की अनुमति नहीं दूंगा। मैंने हमेशा आपको जगह देने में विश्वास किया है और आपको भी ऐसा ही करना चाहिए। इसके बाद भाजपा विधायक सदन से बाहर चले गए। 
  
यह पश्चिम बंगाल है, बांग्लादेश नहीं: शंकर घोष
भाजपा के मुख्य सचेतक शंकर घोष ने कहा ककि हम स्थगन प्रस्ताव लाना चाहते थे। सभी को पता होना चाहिए कि दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजा के दौरान मेटियाब्रुज, फलकटा और कार्तिक पूजा के दौरान बेलडांगा में पूजा पंडालों पर कैसे हमले हुए? यह स्थिति चिंताजनक है। यह पश्चिम बंगाल है, बांग्लादेश नहीं है। अध्यक्ष नहीं चाहते कि विपक्ष इस महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाए। हमें वॉकआउट करना पड़ा क्योंकि हमारी आवाज दबाई जा रही है।

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