लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला गुरुवार को मेघालय के दौरे पर पहुंचे। मेघालय विधानसभा के सदस्यों को संबोधित करते कहा कि हमने संसद के चालू बजट सत्र में प्रिज्म तकनीक शुरू की है। इसके जरिए सांसदों को 24 घंटे व सातों दिन यानी 24X7 संसदीय शोध व सूचनाएं देने में मदद की जाती है। उन्होंने मेघालय विधानसभा के सदस्यों के लिए भी ऐसी ही आधुनिक शोध विंग बनाने का आह्वान किया। बिड़ला ने कहा कि इसकी स्थापना के लिए हम मदद करेंगे। इसे अंग्रेजी में पार्लियामेंट्री रिसर्च एंड इंफर्मेशन सपोर्ट यानी प्रिज्म नाम दिया गया है।
स्पीकर बिड़ला ने कहा कि मजबूत लोकतंत्र के लिए सभी संवैधानिक संस्थाओं के बीच परस्पर सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत हो सकता है जब सभी संस्थाएं अपने-अपने संवैधानिक दायरों में रहते हुए काम व सहयोग करती रहें। इन संस्थाओं को एक-दूसरे का पूरक बनना चाहिए।
बिड़ला ने आगे कहा कि हमे संसद, विधानसभाओं व स्थानीय निकायों में चर्चा, संवाद व अर्थपूर्ण बहस को अवश्य प्रोत्साहित करना चाहिए। स्पीकर ने यह भी कहा कि चर्चा के दौरान असहमति हो सकती है, लेकिन वह गतिरोध तक नहीं पहुंचना चाहिए। हमारी चर्चा देश के लोगों की भलाई के लिए होना चाहिए।