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SP Hinduja Died: एसपी हिंदुजा, उनके 109 साल पुराने समूह की कहानी और परिवार से जुड़ा संपत्ति विवाद; जानें सबकुछ

Wed, 17 May 2023 08:08 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हिंदुजा समूह, आज भी ब्रिटेन के सर्वाधिक अमीरों में शामिल है। दुनिया के अमीरों की 2022 की फोर्ब्स की सूची में यह परिवार 146वें नंबर पर था। 109 साल पुराना यह समूह सुर्खियों में रहा है। हिंदुजा परिवार में संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद है।
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एसपी हिंदुजा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिंदुजा समूह के चेयरमैन श्रीचंद परमानंद हिंदुजा का बुधवार को लंदन में निधन हो गया। वह बीते कुछ समय बीमार चल रहे थे। हिंदुजा भाइयों में वह सबसे बड़े थे। 87 वर्षीय दिग्गज कारोबारी के परिवार के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि गोपीचंद, प्रकाश और अशोक हिंदुजा समेत समस्य हिंदुजा परिवार को बड़े दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि परिवार के मुखिया एसपी हिंदुजा का निधन हो गया है। 

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हिंदुजा समूह, आज भी ब्रिटेन के सर्वाधिक अमीरों में शामिल है। दुनिया के अमीरों की 2022 की फोर्ब्स की सूची में यह परिवार 146वें नंबर पर था। 109 साल पुराना यह समूह सुर्खियों में रहा है। हिंदुजा परिवार में संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद है। वहीं, दूसरी ओर इस विवाद के चलते परिवार के सबसे बड़े भाई श्रीचंद हिंदुजा के स्वास्थ्य ध्यान नहीं रखे जाने की बात भी सामने आई थी। 

हिंदुजा समूह में किस बात पर है विवाद? 
संपत्ति बंटवारे से जुड़ा ये विवाद नौ साल पुराना है। दरअसल, 2014 में हिंदुजा समूह के संस्थापक दीपचंद हिंदुजा के चार बेटों श्रीचंद, गोपीचंद, प्रकाश और अशोक के बीच एक समझौता हुआ था। इसमें कहा गया था कि एक भाई के नाम पर रखी गई सम्पत्ति एक की नहीं बल्कि चार भाइयों की होगी। यही समझौता विवाद की जड़ है। समझौते के करीब एक साल बाद हिंदुजा भाइयों में सबसे बड़े श्रीचंद हिंदुजा ने हिंदुजा बैंक ऑफ स्विटजरलैंड पर अकेले स्वामित्व का दावा किया था। इसके लिए उन्होंने हाईकोर्ट में अपने तीनों अन्य भाइयों पर केस कर दिया था।
 

हिंदुजा समूह - फोटो : amar ujala
इस समूह का 109 साल का इतिहास कैसा रहा है?
हिंदुजा समूह की शुरुआत अविभाजित भारत सिंध प्रांत के शिकारपुर जिले में जन्मे दीपचंद हिंदुजा ने की थी। 1914 में दीपचंद ने देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की यात्रा की और वहां व्यापार के गुर सिखे। बाद में सिंध आकर उन्होंने ने अपने व्यापार की शुरुआत की। 1919 में दीपचंद ने अपने व्यापार का विस्तार किया और ईरान में पहला अंतर्राष्ट्रीय कार्यालय खोला। 1979 तक यह समूह ईरान से चलता रहा। 1979  में ईरान में हुई इस्लामिक क्रांति के बाद समूह ने अपना हेडक्वार्टर लंदन स्थानांतरित कर दिया। अभी भी इस समूह का केंद्र ब्रिटेन में ही है।

दीपचंद हिंदुजा द्वारा शुरू इस समूह को उनके बेटों श्रीचंद हिंदुजा, गोपीचंद, प्रकाश और अशोक हिंदुजा ने आगे बढ़ाया। दीपचंद हिंदुजा के सबसे बड़े बेटे श्रीचंद, हिंदुजा समूह, हिंदुजा बैंक ऑफ स्विट्जरलैंड एवं हिंदुजा फाउंडेशन के अध्यक्ष थे। दूसरे बेटे गोपीचंद, हिंदुजा समूह के सह-अध्यक्ष और हिंदुजा ऑटोमोटिव लिमिटेड, यूके के अध्यक्ष हैं। प्रकाश हिंदुजा, हिंदुजा समूह (यूरोप) के अध्यक्ष हैं। अशोक हिंदुजा, हिंदुजा ग्रुप ऑफ कंपनीज (इंडिया) के अध्यक्ष हैं।
 
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किन क्षेत्रों में व्यापार करता है हिंदुजा समूह? 
हिंदुजा समूह बैंकिंग एंड फाइनेंस, आईटी, पावर, ऑटोमोटिव, ऑयल एंड स्पेसियलटी कैमिकल्स, रियल स्टेट, हेल्थ केयर, प्रोजेक्ट डेवलपमेंट, ट्रेडिंग, साइबर सिक्युटिटी से लेकर मीडिया तक के क्षेत्र में काम कर रहा है। समूह दुनिया के सबसे बड़े विविध समूहों में से एक है, जिसकी 38 देशों में प्रत्यक्ष उपस्थिति है और 100 देशों में व्यापारिक पहुंच है। भारत में ट्रक बनाने वाली कम्पनी अशोक लीलैंड्स एवं बैंकिंग कारोबार से जुड़ा इंडसइंड बैंक इसी समूह के अंतर्गत आते हैं। इसके अलावा समूह के देश के कई शहरों में रियल स्टेट में भी काम है। कंपनी मुंबई में हिंदुजा अस्पताल और कॉलेज भी चलाती है। कंपनी में डेढ़ लाख से अधिक लोग काम करते हैं। 
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