समाजवादी पार्टी में शीर्ष स्तर पर मचे घमासान का असर धरातल पर भी नजर आने लगा है। जिला इकाई का गठन अभी तक नहीं हुआ। विधानसभा चुनाव सिर पर होने के बावजूद पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियां शिथिल हैं। फ्रंटल संगठन शांत पड़े हुए हैं। हालांकि, बड़े नेता सबकुछ ठीक होने का दावा कर रहे हैं, परंतु हकीकत में पार्टी धड़ों में बंटी नजर आ रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रतिपाल सिंह यादव ने इस्तीफा दे दिया और ऐलान किया कि वह अखिलेश यादव के साथ हैं।
समाजवादी पार्टी में मची रार शांत होने का नाम नहीं ले रही है। पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शिवपाल सिंह यादव से मंत्रालय छीन कर सनसनी पैदा की। इसके बाद पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री को सपा के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया। शिवपाल ने प्रदेश अध्यक्ष बनते ही अखिलेश के करीबियों को चलता करना शुरू कर दिया। इस उठापटक का असर यहां की जिला इकाई पर भी है।
पार्टी ने एक माह पहले झांसी जिलाध्यक्ष की घोषणा तो कर दी, परंतु अभी तक कमेटी का गठन नहीं हो सका। इसी तरह समाजवादी युवजन सभा, लोहिया वाहिनी, यूथ ब्रिगेड, छात्र सभा, महिला सभा आदि की दो माह पूर्व भंग की गईं जिला इकाइयों का गठन भी नहीं हुआ है। इसके पीछे गुटबाजी बताई जा रही है। एक गुट शिवपाल सिंह यादव तो दूसरा अखिलेश यादव के साथ है। पार्टी के कुछ स्थानीय नेताओं का मानना है कि इस सबके बीच विधानसभा चुनाव की तैयारी काम प्रभावित है।
हम तो अखिलेश के साथ
फाइल फोटो
नेताओं के दावे, एकजुट है पार्टी
गुटबाजी जैसी कोई बात ही नहीं है। कार्यकर्ता एकजुटता के साथ पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। जमीन स्तर पर पार्टी संगठन अन्य सभी दलों से बेहतर स्थिति में है। जल्द ही जिला कमेटी के पदाधिकारियों की घोषणा हो जाएगी। इसके अलावा फ्रंटल संगठनों की जिला कमेटियों का गठन कर लिया जाएगा।
- छत्रपाल सिंह यादव, जिलाध्यक्ष
कार्यकर्ताओं के हौसले हैं बुलंद
सपा कार्यकर्ताओं के हौसले बुलंद है। सपा सरकार ने प्रदेश के विकास के जो आयाम गढ़े, वह पिछली कोई भी सरकार नहीं कर पाई है। कार्यकर्ता सरकार के काम को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं। माहौल पार्टी के पक्ष में बना हुआ है। प्रदेश में एक बार फिर सपा की सरकार बनेगी।
- दीपनारायण सिंह यादव, विधायक
जल्द सामने आएगी एकजुटता
पार्टी विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह से कमर कसे हुए है। पार्टी मुखिया मुलायम सिंह के नेतृत्व में सभी एकजुट है। छह अक्तूबर को पार्टी की आजमगढ़ में बड़ी रैली होने जा रही है, जिसमें पार्टी की एकजुटता जनता के सामने आ जाएगी।
- रमा आरपी निरंजन, एमएलसी
हम तो अखिलेश के साथ
समाजवादी पार्टी के कई युवा नेता खुलकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समर्थन में आ गए हैं। मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रतिपाल सिंह यादव ने दावा किया कि सभी युवा अखिलेश यादव के साथ हैं। उन्होंने शुक्रवार को पद से इस्तीफा भी दे दिया। इस्तीफा सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को भिजवा दिया है।
साथ ही बताया कि उन्होंने यह कदम अखिलेश को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने के कारण उठाया है। इसी तरह झांसी प्राधिकरण के सदस्य राहुल सक्सेना का कहना है कि वह अखिलेशवादी हैं और हमेशा उन्हीं के नेतृत्व में काम करेंगे।