राहुल गांधी के कांग्रेस की कमान संभालने पर लगातार संस्पेंस बना हुआ है। अब ऐसा माना जा रहा है कि राहुल इस साल के अक्तूबर में पार्टी अध्यक्ष बन सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लोकसभा चुनाव के ठीक डेढ़ साल पहले ये फैसला लिया जाएगा। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक राहुल इस साल 15 सिंतबर से अक्तूबर के बीच में सोनिया गांधी की जगह ले सकते हैं।
इससे पहले कांग्रेस के अंदर और बाहर नेतृत्व क्षमता पर उठ रहे सवालों के बीच कांग्रेस ने राहुल गांधी के संगठन की कमान संभालने पर चुप्पी साध ली। लिहाजा, सोनिया गांधी के नए सिरे से सक्रिय होने के संकेत दिए जा रहे हैं। मंगलवार को सोनिया गांधी की अगुवाई में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई। उन्होंने पार्टी के नेताओं को चुनावों की हार से सबक लेने की नसीहत दी तो साथ ही मोदी सरकार पर भी कई मुद्दों पर निशाना साधा। वहीं राहुल एक बार फिर बैक सीट पर रहकर पार्टी का कामकाज संभालते नजर आए।
कांग्रेस कार्यसमिति की पिछले साल हुई बैठक में राहुल के नेतृत्व में आगे बढ़ने पर सहमति बनी थी। बाकायदा इसके लिए वरिष्ठ नेताओं ने प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके बाद माना जा रहा था कि इस बैठक में राहुल के हाथों में संगठन की कमान सौंपने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ा जाएगा। मगर इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोला गया।
पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, ‘कार्यसमिति की बैठक के एजेंडे में यह मुद्दा शामिल नहीं था। इस मुद्दे पर कोई बात नहीं हुई।’ संगठन चुनावों के समय कार्यक्रम को मंजूरी दे दी गई। यानी 31 दिसंबर तक चुनाव प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।
कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव 2015 से लगातार टल रहा है। कांग्रेस के अंदर और बाहर राहुल के नेतृत्व पर सवाल उठ रहे हैं। राष्ट्रपति चुनाव के जरिए विपक्षी दलों को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ही एकजुट कर रही है। उनका स्वास्थ्य लगातार खराब चल रहा है। इसके बावजूद पार्टी की सभी अहम गतिविधियों में हिस्सा ले रही है।