पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (फाइल फोटो)
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ पार्टी के 10 सितंबर को बुलाए गए भारत बंद को सफल बनाने की कमान संभाल ली है। पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के कैलाश मानसरोवर यात्रा पर होने के चलते उन्होंने बंद को लेकर पार्टी के कोर ग्रुप के सदस्यों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। राहुल अगले हफ्ते 12-13 सितंबर को स्वदेश लौटेंगे।
सोनिया ने अहमद पटेल, गुलाम नबी आजाद और मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ तैयारियों की जानकारी ली। अहमद पटेल ने उन्हें बंद में सहयोगी दलों की भूमिका से भी अवगत कराया। कांग्रेस की ओर से तमाम राज्यों में स्वयंसेवी संस्थाओं और वर्गों से भी बातचीत की गई जो अपने-अपने तरीके से विरोध जताएंगे।
पार्टी ने सभी प्रभारियों को संबंधित राज्यों में मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जिला इकाइयों और बूथ लेवल तक विरोध दर्ज कराया जा सके। पार्टी कार्यकर्ताओं को सभी पेट्रोल पंप भी सांकेतिक धरना देने को कहा गया है ताकि वहां पहुंचने वाले उपभोक्ताओं को कांग्रेस और भाजपा सरकार की नीतियों और पेट्रोल-डीजल की कीमतों के अंतर का अहसास हो।