कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर के पीसीसी अध्यक्षों से इस्तीफा मांगा है। उन्होंने कहा है वे पीसीसी के पुनर्गठन के लिए अपना-अपना इस्तीफा दें। इसकी जानकारी कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने दी है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय लल्लू तमकुही राज विधानसभा सीट पर तीसरे नंबर पर रहे। लल्लू अपनी जमानत तक नहीं बचा सके। उन्हें महज 14.78% वोट मिले। उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल श्रीनगर सीट से चुनाव हार गए। उन्हें भाजपा के धन सिंह रावत ने 587 वोट से हराया। हालांकि, सोनिया गांधी के फैसले के थोड़ी देर बाद ही लल्लू और गोदियाल ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू अमृतसर पूर्वी सीट से चुनाव हार गए। उन्हें आप की जीवन ज्योत कौर ने 6,750 वोट से हराया। मणिपुर कांग्रेस अध्यक्ष एन लोकेन सिंह नंबोल विधानसभा सीट से चुनाव हार गए। उन्हें भाजपा के टी बसंत कुमार सिंह ने 3,060 वोट से हराया। वहीं, गोवा के पार्टी अध्यक्ष गिरीश राया चोडनकर ने चुनाव परिणाम के बाद ही इस्तीफे की पेशकश कर दी थी।
पांचों राज्यों में कांग्रेस की हालत खराब
- उत्तर प्रदेश में कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही। यहां भाजपा ने 403 में से 273 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया और सपा ने 125 सीटें जीतीं। इसके अलावा कांग्रेस ने दो और बसपा ने एक सीट जीती।
- उत्तराखंड़ में भाजपा ने 60 में से 47 सीट जीकर इतिहास बनाया। कांग्रेस यहां भी मुकाबले में नहीं आ सकी और सिर्फ 19 सीट ही जीत पाई।
- पंजाब में कांग्रेस को आम आदमी पार्टी के सामने घुटने टेकने पड़े। आप ने यहां 92 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को 18 सीटों से संतोष करना पड़ा।
- गोवा में कांग्रेस ने 40 में से 11 आर मणिपुर में 60 में से सिर्फ पांच सीट ही जीत पाई। मणिपुर में भाजपा ने बहुमत हासिल किया और गावा में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
जी-23 गुट के नेताओं की बैठक कल
कांग्रेस के जी-23 गुट के नेता बुधवार को दिल्ली में बैठक कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि इस दौरान आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। जी-23 नेताओं के समूह ने पार्टी में आंतरिक सुधार और नेतृत्व के लिए अगस्त 2020 में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक चिट्ठी लिखी थी। इसमें गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा और कपिल सिब्बल जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं।