कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज मोदी सरकार पर बड़ा आरोप लगाया। एक अंग्रेजी अखबार में लिखे ‘ओपेड‘ में उन्होंने आरोप लगाया है कि चुनावी फायदे के लिए मोदी सरकार मतदाताओं का ध्रुवीकरण कर रही है और सामाजिक समरसता जानबूझकर भंग की जा रही है।
मोदी सरकार पर तीखा हमला करते हुए सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि देश की सत्ता पिछले आठ वर्षों में मुट्ठी भर राजनेताओं और व्यापारियों के हाथों में केंद्रित हो गई है। इससे भारत का लोकतंत्र और संस्थान कमजोर हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक मूल्यों और सिद्धांतों पर हमला किया जा रहा है।
अखबार के संपादकीय पृष्ठ पर लिखा जाने वाला आलेख ओपेड कहलाता है। इसमें सोनिया गांधी ने लिखा कि पूर्व के स्वतंत्र प्राधिकारियों को ‘कार्यपालिका का औजार‘ बना दिया है और ये पक्षपातपूर्ण और निर्दयतापूर्वक दमन कर रहे हैं। चुनावी बॉन्ड और क्रोनिज्म द्वारा तैयार किए गए धन बल से चुनावी नतीजों को विकृत किया जा रहा है। सरकारी एजेंसियां मौजूदा सरकार का विरोध करने वाले किसी भी दल को चलता कर देती हैं।
सोनिया गांधी का यह आलेख कांग्रेस द्वारा निकाली जा रही कन्याकुमारी से कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा के बीच आया है। इसका मकसद देश को जोड़ना और कांग्रेस संगठन को पुनर्जीवित करना है। इसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कई अन्य नेता शामिल हैं। इसकी शुरुआत पिछले सप्ताह तमिलनाडु स्थित कन्याकुमारी से हो चुकी है और यह अब केरल पहुंच चुकी है।
सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सार्वजनिक उद्यमों को खोखला कर एक या दो निजी लोगों को बेचा जा रहा है। मोदी सरकार पर निशाना साधने के साथ ही सोनिया गांधी ने पूर्ववर्ती संप्रग सरकार की नीतियों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि उस वक्त हम समझ गए थे कि तीव्र विकास और बढ़ती असमानता के बीच सभी नागरिकों के लिए संसाधन और अवसर मुहैया कराना जरूरी है।
यूपीए सरकार ने स्वास्थ्य और शिक्षा और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, खाद्य सुरक्षा अधिनियम और मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं आशा के साथ-साथ सूचना के अधिकार अधिनियम और आधार जैसी पहल की और करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला।