सरकार ने बुधवार को राज्यसभा को जानकारी दी कि कुछ
रोहिंग्या मुसलमानों के
आधार, पैन और वोटर कार्ड हासिल करने के कुछ घटनाएं सामने आई हैं। लेकिन इन गैरकानूनी शरणार्थियों के रहने की जगह देने का कोई मामला सामने नहीं आया है। गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि रोहिंग्याओं को गैरकानूनी ढंग से रहने की जगह उपलब्ध कराने की कोई स्पष्ट खबरें नहीं आई हैं।
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एक लिखित जवाब में रिजिजू ने कहा कि हालांकि कुछ रोहिंग्याओं के गलत तरीकों से आधार, पैन और वोटर कार्ड हासिल करने की घटनाएं सामने आई हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब भी ऐसी घटनाओं का पता लगा है संबंधित राज्य और संबद्ध प्राधिकरण ने इन दस्तावेजों को रद्द करने के साथ अन्य कार्रवाई की है। रिजिजू ने कहा कि एक अनुमान के अनुसार भारत में करीब 40 हजार रोहिंग्या रह रहे हैं।