सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अब नफरत और हिंसा फैलाने का माध्यम बन चुके हैं। प्रमुख सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने अपने दो प्लेटफॉर्म पर इस प्रकार की सामग्री पर नई मासिक रिपोर्ट जारी की। इसमें सामने आया कि फेसबुक पर भड़काऊ सामग्री 37.82 फीसदी बढ़ी है तो इंस्टाग्राम पर 86 फीसदी इजाफा हुआ है।
यह सामग्री मई में पोस्ट की गई थीं। अधिकतर सामग्री की पहचान खुद मेटा कंपनी द्वारा ही की गई। इसके अनुसार फेसबुक पर 53,200 नफरत फैला रही सामग्री मिली हैं। अप्रैल में यह संख्या 38,600, यानी मई से कहीं कम थी। इंस्टाग्राम पर ऐसी 77 हजार सामग्री पकड़ी गई हैं। मार्च में संख्या 41,300 ही थी।
तीन महीने में यूट्यूब से हटाए 11 लाख वीडियो
भारत में यूट्यूब ने इस साल पहले तीन महीनों में 11 लाख से ज्यादा वीडियो डिलीट किए हैं। 44 लाख अकाउंट भी जनवरी से मार्च के बीच डिलीट किए गए। इस प्लेटफॉर्म की मालिकाना कंपनी अल्फाबेट के अनुसार यह अकाउंट व वीडियो उसके नियमों के खिलाफ काम कर रहे थे। हटाए गए वीडियो में 90 प्रतिशत फेक थे। विश्व भर में 30 लाख से अधिक वीडियो हटाए गए।
जिन अकाउंट को डिलीट किया, वे हिंसक सामग्री फैला रहे थे। यह कार्रवाई एआई आधारित एल्गोरिदम द्वारा की पड़ताल के आधार पर हुई है। आमतौर पर यूट्यूब से ऐसे अकाउंट डिलीट किए जाते हैं, जो स्पैम करते हैं, तीन महीने में तीन बार से ज्यादा नियम तोड़ते हैं, ऑनलाइन स्कैम करते हैं।
इनसे समाज में फैला जहर कैसे हटेगा?
इन सामग्री को वैसे तो मेटा ने अपने प्लेटफॉर्म से हटाया है, लेकिन इनकी वजह से समाज में जो नफरत फैली, वह कैसे मिटेगी? इस पर कंपनी ने बताया कि खुद उसके मानकों के अनुसार आपत्तिजनक सामग्री जैसे पोस्ट, फोटो, वीडियो, टिप्पणियों आदि को वही हटाती है।
व्हाट्सएप ने 16 लाख से ज्यादा भारतीयों के खातों को किया बैन
व्हाट्सएप ने अप्रैल में 16 लाख से ज्यादा भारतीय यूजर्स के खातों को प्रतिबंधित कर दिया। इस कदम का मकसद कंपनी के मंच पर हानिकारक गतिविधियों पर रोक लगाना था। बुधवार को पेश अपनी मासिक खुलासा रिपोर्ट में कंपनी ने बताया कि उसने 122 खाते शिकायत पर और 16.66 लाख खाते नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियां न होने देने के लिए बैन किए हैं। व्हाट्सएप ने कहा, हम विशेष रूप से खराब गतिविधियों की रोकथाम पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
कंपनियों के निर्णय के खिलाफ अपीलीय पैनल बना सकता है भारत
क्या फेसबुक या ट्विटर को किसी यूजर्स का अकाउंट ब्लॉक करने या पोस्ट हुई सामग्री मनमर्जी से डिलीट करने से रोका जा सकता है? भारत ऐसा करने पर विचार कर रहा है, इसके लिए अपीलीय पैनल भी बना सकता है। इस पैनल में सोशल मीडिया कंपनियों के निर्णयों के खिलाफ अपील हो सकेगी। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक दस्तावेज का ड्राफ्ट जारी कर आईटी नियमों में बदलाव के लिए विशेषज्ञों से टिप्पणियां मांगी हैं। इनके तहत मेटा के विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ट्विटर, यूट्यूब आदि को भारत में जन शिकायत अधिकारी तैनात करने थे। ड्राफ्ट दस्तावेज के अनुसार कंपनी के निर्णय के खिलाफ इस पैनल में अपील हो सकेगी।