मौजूदा कोशिश से अलग-अलग उम्मीद
विश्व हिंदू परिषद प्रवक्ता विनोद बंसल ने अमर उजाला से कहा कि हम कोर्ट के फैसले का अभी अध्ययन कर रहे हैं। और कुछ समय बाद ही इस पर प्रतिक्रिया दी जाएगी। लेकिन यह अवश्य है कि पूर्व में अनेक ऐसी कोशिशें हुई हैं जिनसे लगता रहा कि दूसरा पक्ष इस मामले को लंबे समय तक के लिए लटकाने की कोशिश कर रहा है। यह मध्यस्थता की कोशिश भी मामले को खींचने की एक चाल हो सकता है। विहिप नेता ने कहा कि एक बात अवश्य तय है कि अयोध्या की एक इंच जमीन भी उन्हें मुस्लिम पक्ष को देना स्वीकार्य नही है।
वहीं, अयोध्या मामले में एक पक्षकार हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि मामले का हल निकालने की हर कोशिश का स्वागत किया जाना चाहिए। मैं तीनों मध्यस्थों को त्रिदेव मानते हुए उनसे देश की भलाई के लिए इस मुद्दे का एक तार्किक समाधान देने की मांग करता हूं।