वाराणसी से दिल्ली के लिए पहले से कई ट्रेनें चल रही हैं। इसके बावजूद खासकर रविवार शाम यात्रियों की संख्या बढ़ने पर ट्रेनों में भीड़ हो जाती है। ऐसे में स्लीपर वंदे भारत शुरू होने से इस रूट पर यात्रियों को एक और विकल्प मिलेगा।
हावड़ा-कामाख्या के बाद देश की दूसरी स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस दिल्ली और वाराणसी के बीच चलाने की तैयारी है। रेलवे जल्द इसका ट्रायल शुरू कर सकता है। रेलवे की योजना है कि दिवाली या नए साल तक ट्रेन का नियमित संचालन शुरू हो जाए। ट्रेन वाराणसी से रात 9:20 बजे चलेगी। सुबह 5 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। रास्ते में प्रयागराज और कानपुर सेंट्रल इसके प्रमुख ठहराव होंगे। वापसी में भी नई दिल्ली से रात 9:20 बजे चलकर ट्रेन सुबह 5 बजे वाराणसी पहुंचेगी।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, 16 कोच वाली इस ट्रेन में 823 यात्री सफर कर सकेंगे। इसमें 11 थर्ड एसी, चार सेकेंड एसी और एक फर्स्ट एसी कोच होगा। ट्रैक की स्थिति के अनुसार ट्रेन 130 से 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है। इसके रखरखाव की जिम्मेदारी उत्तर रेलवे की होगी। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, स्लीपर वंदे भारत के दो रैक उपलब्ध हैं। पहले इसे बनारस रेलवे स्टेशन से चलाने की योजना थी, लेकिन वहां रखरखाव की सुविधा नहीं होने के कारण अब वाराणसी जंक्शन से चलाने की तैयारी है।
वाराणसी से दिल्ली के लिए पहले से कई ट्रेनें चल रही हैं। इसके बावजूद खासकर रविवार शाम यात्रियों की संख्या बढ़ने पर ट्रेनों में भीड़ हो जाती है। ऐसे में स्लीपर वंदे भारत शुरू होने से इस रूट पर यात्रियों को एक और विकल्प मिलेगा। ट्रेन नंबर, किराया और नियमित संचालन की तारीख की घोषणा रेलवे बोर्ड की ओर से की जानी बाकी है।