अदालत ने आंध्र प्रदेश अपराध जांच विभाग (सीआईडी) को भी अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। पूर्व मुख्यमंत्री का प्रतिनिधित्व उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने किया, जबकि अतिरिक्त महाधिवक्ता पी सुधाकर रेड्डी ने सरकार का पक्ष रखा।
तेदेपा प्रमुख को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था और वह आंध्र प्रदेश सीआईडी द्वारा दर्ज एक मामले में वर्तमान में राजामहेंद्रवरम में एक केंद्रीय कारागार में बंद हैं। बाद में सीआईडी ने एसीबी अदालत में याचिका दायर कर मामले के संबंध में पूछताछ के लिए नायडू की 15 दिन की हिरासत मांगी थी।
आंध्र प्रदेश सीआईडी के प्रमुख एन संजय ने गिरफ्तारी के बाद कहा था कि नायडू को कौशल विकास निगम से धन के गबन से जुड़े धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है, जिससे राज्य सरकार को 300 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।