फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रिटायर हो गए सोलह लाख बछड़ों के 11 ‘पापा’

Fri, 15 Apr 2016 04:53 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुरादाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
पराग के ग्यारह सांड़ रिटायर हो गए हैं। पराग के सीमेन बैंक में पिछले दस साल से अपनी सेवाएं देने वाले यह सांड़ अब गोसदन को भेजे जाएंगे। इनके रिटायर हो जाने के कारण नस्ल सुधार कार्यक्रम भी प्रभावित हो रहा है लिहाजा अब शासन से नए सांड़ की खरीद के लिए बजट की मांग की जा रही है।
विज्ञापन


मुरादाबाद के दलपतपुर में स्थित पराग डेयरी में सीमेन बैंक भी चलता है। यहां 31 सांड़ हैं। इनमें 11 सांड़ अपनी उम्र पूरी कर चुके हैं। अब इनका सीमेन (वीर्य) नहीं लिया जा सकता है। जबकि जो बाकी सांड़ हैं वह भी तीन से पांच साल के बीच में अपनी मियाद पूरी कर लेंगे। इस सीमेन बैंक से प्रदेश भर की सभी 20 डेयरियों को सीमेन की सप्लाई की जाती है।

पशुपालन विभाग भी नस्ल सुधार के लिए पराग से ही सीमेन लेता है। पराग के महाप्रबंधक डा. मोहन स्वरूप ने बताया कि प्राइवेट डेयरियां भी नस्ल सुधार के लिए यहां से सीमेन ले रही हैं। अब जो ग्यारह सांड़ रिटायर हो गए हैं उनके स्थान पर दूसरों की खरीद होगी।
विज्ञापन


इसके लिए शासन स्तर से बजट की मांग की जा रही है। जर्सी और फ्रीजियन प्रजाति के सांड़ इस बार सीमेन बैंक में लाए जा रहे हैं। कुछ दूसरी प्रजातियों की भी मांग की जा रही है। ताकि दुग्ध उत्पादन को बढ़ाया जा सके।     
विज्ञापन


एक नजर में 
हर सांड़ से महीने में औसतन 10 बार सीमेन लिया जाता है
एक  बार लिए सीमेन से बनती है 300 डोज
एक सांड़ से महीने में औसतन 2500 डोज का उत्पादन 
एक सांड़ साल भर में 36000 सीमेन डोज का उत्पादन करता है
11 सांड़ 10 साल में 3 करोड़ छियानबे लाख सीमेन के डोज का उत्पादन करेंगे
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें