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रेलिगेयर फिनवेस्ट घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने की मौखिक टिप्पणी-  'बहुत रुचि ले रही है सरकार', जानिए क्यों कही यह बात

Mon, 25 Oct 2021 10:42 PM IST
सुरेंद्र जोशी पीटीआई, नई दिल्ली

सार

शिविंदर सिंह पर रेलिगेयर फिनवेस्ट के 2397 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप है। इसे लेकर वह दो साल से जेल में है। 
 
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शिविंदर मोहन सिंह- फोर्टिस - फोटो : social media
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रवर्तक शिविंदर मोहन सिंह से जुड़े रेलिगेयर फिनवेस्ट लि. के वित्तीय हेराफेरी के मामले को लेकर मौखिक टिप्पणी की। शीर्ष कोर्ट ने कहा- 'सरकार (दिल्ली पुलिस) इस मामले में बहुत रुचि ले रही है।' इसके साथ ही कोर्ट ने शिविंदर सिंह की जमानत अर्जी पर सुनवाई दिवाली की छुट्टी के बाद के लिए तय की। 

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शिविंदर सिंह पर रेलिगेयर फिनवेस्ट के 2397 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप है। इसे लेकर वह दो साल से जेल में है। प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को मामले की आरंभिक सुनवाई में सिंह के वकील समेत संबंधित पक्षों को संकेत दिया कि वह इस केस को नए सिरे से सुनवाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट को भेजेगी। हाईकोर्ट से कहा जाएगा कि वह पूर्व की गई टिप्पणियों आदि से प्रभावित हुए बगैर मामले पर फिर से विचार करे। 

पीठ में जस्टिस सूर्यकांत व जस्टिस हीमा कोहली भी शामिल थे। शीर्ष कोर्ट ने सिंह के वकील से कहा, 'आप दिल्ली हाईकोर्ट जाएं, हम हाईकोर्ट को आदेश देंगे कि वह आपके केस पर समयबद्ध ढंग से निर्णय करे। पहले हाईकोर्ट को पूर्व में की गई टिप्पणियों से प्रभावित हुए बगैर फैसला कर लेने दीजिए। अब दिल्ली पुलिस जांच पूरी करने के लिए फिर चार माह का वक्त चाहती है। भगवान जाने, वो क्या करना चाहते हैं।'
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पीठ ने यह टिप्पणी उस वक्त की जब सिंह की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने रिकॉर्ड पेश करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस ने 9 फरवरी 2021 को कहा था कि सिंह के मामले में जांच पूरी हो चुकी है और अब कह रहे हैं कि आगे जांच करने के लिए चार माह और चाहिए। 

दिल्ली पुलिस की ओर से पेश हुए सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वह आरोपी द्वारा पेश की गई गलत स्थिति को स्पष्ट करना चाहते हैं। यह मामला 1500 करोड़ रुपये से ज्यादा की हेराफेरी का है। 

इस पर पीठ ने कहा कि उसे इससे कोई मतलब नहीं है कि केस कितनी राशि का है वह चाहती है कि हाईकोर्ट इस पर नए सिरे से विचार करे। सीजेआई रमण ने कहा, 'मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता, लेकिन सरकार (पुलिस) बहुत रुचि ले रही है। अब पीठ केस की दिवाली छुट्टी के बाद सुनवाई करेगी।' 

मई में दिल्ली हाईकोर्ट ने शिवेंदर सिंह की जमानत अर्जी निरस्त कर दी और कहा था कि आरोपी द्वारा रची साजिश का पता लगाने के लिए हिरासत जरूरी है। सिंह के वकील ने कहा कि आरोपी दो साल से ज्यादा समय से जेल में है। इतना ही नहीं केस में दो आरोप पत्र भी पेश हो चुके हैं, इसलिए उसकी हिरासत की जरूरत नहीं है। 

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