पूर्वोत्तर भारत के विकास के लिए पीएम नरेंद्र मोदी के जरिए अपनाई गई एक्ट ईस्ट पॉलिसी जमीन पर उतरने लगी है। रेल, सड़क समेत हवाई यातायात की सुविधाएं दुरुस्त होने के साथ ही निवेशकों का रुझान पूर्वोत्तर के राज्यों की ओर बढ़ने लगा है। या यूं कहें कि पूर्वोत्तर के राज्य भी अपने यहां बदले माहौल को अब भुनाने लगे हैं।
आलम यह है कि मणिपुर सरीखे राज्य में निवेशकों ने उत्साह दिखाते हुए करीब 5000 करोड़ रुपये के निवेश की इच्छा जताई है। पूर्वोत्तर विकास सम्मेलन के समापन के दिन विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों ने मणिपुर में 5000 करोड़ के निवेश के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए।
महज एक दिन में पूर्वोत्तर के किसी राज्य में इतनी बड़ी रकम के निवेश का प्रस्ताव अब से पहले नहीं आया है। मणिपुर में निवेशकों के उत्साह को देखते हुए पूर्वोत्तर के अन्य राज्य भी अपने राज्यों में निवेशकों को लुभाकर उनसे निवेश कराने को बेताब हैं।
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गुवाहाटी में होगी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट
पूर्वोत्तर के राज्यों में निवेश के लिए बेहतर वातावरण बताते हुए असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने ऐलान किया है कि पीएम मोदी की मौजूदगी में फरवरी 2018 के पहले सप्ताह में गुवाहाटी में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन होगा।
अपने राज्य के लिए उन्होंने इस सम्मेलन के जरिए करीब 50 हजार करोड़ रुपये तक के निवेश के करार का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सोनोवाल ने प्रोफेशनल लोगों की टीम को मैदान में उतार दिया है, जो कि देश-दुनिया के विभिन्न औद्योगिक घरानों में संपर्क कर उन्हें असम में निवेश के लिए उत्साहित कर रही है।
पूर्वोत्तर के विकास पर राम माधव की खास नजर
ram madhav
पूर्वोत्तर भारत के विकास के लिए पीएम मोदी की एक्ट ईस्ट पॉलिसी को जमीन पर उतारने में भाजपा महासचिव राम माधव बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों से संपर्क कर वे उन्हें लगातार दिशा निर्देश दे रहे हैं।
वैसे पीएम मोदी ने अपने सरकार के सभी मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि पूर्वोत्तर के विकास को प्राथमिकता में रखते हुए सभी मंत्री माह में एक बार पूर्वोत्तर के किसी राज्य का दौरा जरूर करें।
एम के विजन को आगे बढ़ाते हुए राम माधव और उनके इंडिय़ा फाउंडेशन की टीम मैदान पर बेहद सक्रिय नजर आ रही है। इंफाल में 21-22 नवंबर को संपन्न हुए पूर्वोत्तर विकास सम्मेलन की कवायद उन्हीं के दिमाग की उपज थी।
सम्मेलन के मंच से केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु, असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल, अरुणाचल के प्रेमा खांडू और मणिपुर के एन बीरेंद्र सिंह ने पूर्वोत्तर राज्यों के लिए राम माधव के जरिए किए जा रहे प्रयासों की जमकर तारीफ भी की।
वैसे राम माधव की रणनीतिक देखरेख में ही पूर्वोत्तर के चार राज्यों असम, अरुणाचल, मणिपुर और नागालैंड में भाजपा की सरकारें बनी हैं। उनकी नजर अब त्रिपुरा, मेघालय और सिक्किम में भाजपा की सरकार बनवाने पर है। त्रिपुरा को लेकर माधव बेहद आश्वस्त हैं कि फरवरी माह में होने वाले विधानसभा चुनाव में वहां भाजपा की सरकार ही बनेगी।