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AIADMK चिन्ह मामला: SC में दाखिल की केविएट याचिका, पनीरसेल्वम बोले- हमारी मौजूदगी में ही हो फैसला

Fri, 24 Nov 2017 01:22 PM IST
टीम डिजिटल अमर उजाला
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एआईएडीएमके के चुनाव चिन्ह की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम ने सुप्रीम कोर्ट में केविएट याचिका दायर की है और मांग की है कि उनके पक्ष की मौजूदगी में ही कोई फैसला लिया जाए। दरअसल, पार्टी चिन्ह 'दो पत्ति' के लिए लड़ाई लड़ रहे दिनाकरन ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही थी।
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दिनाकरन ग्रुप इससे पहले चिन्ह की लड़ाई के लिए चुनाव आयोग पहुंचा था, लेकिन वहां से फैसला पक्ष में नहीं आने के बाद दिनाकरन ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट में जाने की बात कही।

बता दें कि गुरुवार को वी के शशिकला और उसके गुट को बड़ा झटका लगा था, क्योंकि चुनाव आयोग ने चिन्ह की दावेदारी का फैसला पनालीसामी गुट के पक्ष में दे दिया था। आयोग ने कहा कि दो पत्तियों वाला चुनाव चिन्ह मुख्यमंत्री ई पलानीसामी के गुट का ही रहेगा।
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पढ़ें: IT की छापेमारी पर बोले दिनाकरन- PM के इशारों पर हो रही परिवार को तोड़ने की कोशिश

दरअसल, पलानीसामी पर आरोप लगाया गया था कि उन्हें बीजेपी की नजदीकियों का फायदा हो रहा है। इस पर उन्होंने कहा कि यह गलत आरोप है, पार्टी के अधिकतर एमएलए, एमपी और कार्यकर्ता हमारे साथ हैं। चुनाव आयोग ने ये सारी चीजें ध्यान में रखकर फैसला हमारे पक्ष में किया है।

वहीं एआईएडीएमके के एमपी वी मैत्रेयन ने कहा कि हमें अभी  चुनाव आयोग से मौखिक सूचना मिली है कि दो पत्तियों वाला पार्टी का चुनाव चिन्ह हमारे पास रहेगा, हमलोग हार्ड कॉपी का इंतजार कर रहे हैं।
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टीटीवी दिनाकरन पर दर्ज हो सकती है चार्जशीट

दूसरी तरफ एआईएडीएमके घूस मामले की सुनवाई करते हुए गुरुवार को दिल्ली कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को टीटीवी दीनाकरण के खिलाफ चार्जशीट फाइल न करने को लेकर लताड़ लगाई है।  कोर्ट ने पुलिस से दो हफ्तों में स्टेटस रिपोर्ट फाइल करने का आदेश दिया है। वहीं कोर्ट ने घूस मामले में आरोपी सुकेश की न्यायिक हिरासत 5 दिसंबर तक बढ़ा दी है।

इस महीने की शुरुआत में एआईएडीएमके के दोनों  गुटों ने चुनाव आयोग को पार्टी के प्रतीक के लिए अपना दावा पेश किया था। शशिकला कैंप की अगुआई उनके भतीजा टीटीवी दिनाकरण कर रहे हैं। 

बता दें कि पूर्व सीएम जयललिता की मौत के बाद से ही एआईएडीएमके दो हिस्सों में बंटी हुई है। मामले में दिनाकरन ग्रुप की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है, क्योंकि दिनाकरन और शशिकला दोनों ही भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं। शशिकला इन्हीं आरोपों के चलते जेल में है, जबकि दिनाकरन सीबीआई की पूछताछ का सामना कर रहे हैं।

हाल ही में आयरकर विभाग ने शशिकला और उनके रिश्तेदारों के ठिकानों पर छापेमारी करते हुए अरबों रुपये की बेनामी संपत्ति को जब्त किया था। ऐसा माना जा रहा है कि आईटी अभी भी शशिकला और दिनाकरन के रिश्तेदारों पर नजर बनाए हुए हैं।
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