कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने एक बार फिर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर निशाना साधा है। इस बार उन्होंने बिजली कटौती को मुद्दा बनाते हुए शुक्रवार को कैप्टन सरकार को नसीहत दी कि अगर हम सही दिशा में काम किया जाए तो पावर कट की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सिलसिलेवार ट्वीट में सिद्धू ने कहा, बिजली का मूल्य, कटौती, बिजली खरीद समझौते और पंजाब के लोगों को मुफ्त और 24 घंटे बिजली देने का सच। सही दिशा में काम करने से ना तो पंजाब में बिजली कटौती की जरूरत पड़ेगी और ना ही मुख्यमंत्री को कार्यालय के समय या आम लोगों के एसी चलाने को नियंत्रित करने की जरूरत पड़ेगी।
कांग्रेस नेता ने कहा, पंजाब सरकार औसतन 4.54 रुपये प्रति यूनिट बिजली खरीदती है जबकि राष्ट्रीय औसत 3.85 रुपये प्रति यूनिट है। वहीं चंडीगढ़ 3.44 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान कर रहा है। तीन निजी प्लांट पर निर्भरता की वजह से पंजाब को अन्य राज्यों की तुलना में प्रति यूनिट 5 से 8 रुपये ज्यादा भुगतान करना पड़ता है।
बादल सरकार को लिया निशाने पर
कांग्रेस नेता ने कहा, राज्य में उच्च बिजली दरों के लिए बादल सरकार द्वारा किए गए समझौते हैं। बादल सरकार ने पंजाब में तीन निजी थर्मल प्लांट के साथ पॉवर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) पर हस्ताक्षर किया।
इसकी वजह से पंजाब 2020 तक 5400 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुका है। आगे भी 65 हजार करोड़ रुपये का भुगतान फिक्स चार्ज के तौर पर किया जाएगा। उन्होंने कहा,पंजाब विधान सभा इन समझौतों में संशोधन करके पंजाब विधानसभा नया कानून ला सकती है।
दिल्ली की नकल के बजाय ‘पंजाब मॉडल’ अपनाने की सलाह
कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार को ‘पंजाब मॉडल’ अपनाने का इशारा देते हुए कहा, पंजाब पहले ही 9000 करोड़ रुपये बिजली सब्सिडी देता है, लेकिन दिल्ली बिजली सब्सिडी के रूप में केवल 1699 करोड़ रुपये देती है।
अगर पंजाब दिल्ली मॉडल की नकल करता है, तो हमें सब्सिडी के रूप में केवल 1600-2000 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसलिए पंजाब के लोगों की बेहतर सेवा के लिए राज्य को कॉपी किए मॉडल की नही एक असल पंजाब मॉडल की जरूरत है।