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ममता को निर्वाचन आयोग का कारण बताओ नोटिस

Thu, 14 Apr 2016 11:16 PM IST
रीता तिवारी/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : PTI
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चुनाव आयोग ने बीते शनिवार को आसनसोल की एक रैली में चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को गुरुवार को कारण बताओ नोटिस भेजा है। आयोग ने बीरभूम जिले में तृणमूल के बाहुबली नेता अणुब्रत मंडल के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।  मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने रविवार को दूसरे चरण के मतदान की तैयारियों का जायजा लेने के बाद गुरुवार को यहां पत्रकारों को इसकी जानकारी दी।
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ममता ने उस रैली में आसनसोल को अलग जिला घोषित करने का भरोसा दिया था। अपनी उस रैली में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी जमकर हमला किया था और कहा था कि वे मोदी की घरेलू नौकरानी नहीं हैं जो उनके बुलावे पर दौड़ी चली जाएं। इससे एक दिन पहले राज्य के चुनावी दौरे पर आए मोदी ने कहा था कि ममता विकास के मुद्दे पर बुलाई गई बैठकों में शामिल नहीं होतीं।

विपक्ष दलों ने ममता की उस रैली में आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत की थी। कारण बताओ नोटिस की सूचना मिलने के बाद बीरभूम जिले के मुरारई में तृणमूल की एक रैली में ममता ने कहा कि उन्होंने जो कहा है अच्छा किया है। वे हजार बार बोलेंगी, लाख बार बोलेंगी। उन्होंने कहा कि वे एक-एक इंच समझ लेंगी। ममता ने चुनाव आयोग को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि एक नहीं 40 पत्र (कारण बताओ) भेजने पर भी कोई फायदा नहीं होगा।
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तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि राज्य की प्रमुख विपक्षी राजनीतिक पार्टियां सिर्फ उनके खिलाफ शिकायत करने में जुटी हैं और एक खास पार्टी (तृणमूल) के खिलाफ राजनीतिक दुश्मनी का अभियान चल रहा है। उन्होंने बीरभूम जिले में पार्टी की चुनावी रैलियों में कहा कि कांग्रेस, माकपा व भाजपा के नेता सुबह से लेकर शाम तक उनकी शिकायत करने में जुटे रहते हैं। ममता ने कहा कि वे एक-एक इंच का जवाब लेंगी।

उन्होंने कहा कि मुझे विपक्षी दलों से कोई प्रमाणपत्र नहीं चाहिए। यह मेरा मौलिक अधिकार है। मुझे सिर्फ आम लोगों का प्रमाणपत्र चाहिए। लोग बैलट बाक्सों के जरिए ऐसे तत्वों को मुंहतोड़ जवाब देंगे। ममता ने चुनाव आयोग का नाम लिए बिना कहा कि कोलकाता के पुलिस आयुक्त को हटा दिया गया और कई थानाध्यक्षों को बदल दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब कांग्रेस, माकपा व भाजपा के इशारे पर हो रहा है।

विपक्ष बीरभूम जिला तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष अणुब्रत मंडल को गिरफ्तार करने की मांग कर रहा है? इस पर ममता ने विफरते हुए सवाल किया कि अणुब्रत को क्यों गिरफ्तार किया जाना चाहिए? मोहम्मद सलीम, वमिान बसु, सुजन चक्त्रस्वर्ती और बुद्धदेव भट्टाचार्य को गिरफ्तार क्यों नहीं किया जाना चाहिए?
  ममता ने कहा कि वाममोर्चा के 34 साल के शासनकाल के दौरान लोग वोट नहीं दे सके थे। उन्होंने सवाल किया कि आज जो लोग चिल्ला रहे हैं वे उस समय कहां थे? तृणमूल प्रमुख ने कहा कि कांग्रेस व भाजपा के नेता पांच साल बाद चुनावों के दौरान राज्य में आते हैं। वे बड़ी-बड़ी बातें करते हैं लेकिन उन्होंने राज्य के लोगों के लिए कुछ नहीं किया है।
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