देश में टीकों की किल्लत का असर अब टीकाकरण पर भी देखने को मिल रहा है। दिल्ली सहित कई राज्यों ने टीकों की पर्याप्त व्यवस्था न होने की वजह से कई टीकाकरण केंद्र बंद कर दिए हैं। दिल्ली में तो 100 से ज्यादा टीकाकरण केंद्र बंद कर दिए गए हैं।
कई राज्यों में तो बीते 12 दिनों में युवाआें को नाममात्र के लिए टीके लगाए गए हैं। नतीजतन बीते एक दिन में 19 लाख लोगों को ही टीका लग पाया। वहीं, इससे पहले यह आंकड़ा 24 लाख तक पहुंच गया था। दूसरी लहर से पहले देश में हर दिन 30 से 35 लाख लोगों को खुराक दी जा रही थी। सरकारी आंकड़ों के ही अनुसार बीते दो दिन में ही टीका लेने वालों में करीब पांच लाख की कमी आई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने टीकों की कमी से इनकार करते हुए कहा, 18 से 44 वर्ष की आयु वालों को 30 राज्यों में टीकाकरण किया जा रहा है। 10 राज्य ऐसे हैं जहां देश का 67 फीसदी टीकाकरण किया जा चुका है। देश के कुल टीकाकरण में 11 फीसदी महाराष्ट्र की भूमिका रही है। यहां 16 जनवरी से अब तक 1.89 करोड़ लोग टीका ले चुके हैं।
इनके अलावा राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक हैं, जहां एक-एक करोड़ से ज्यादा लोगों को टीका लग चुका है। हालांकि, हकीकत यह है कि केंद्रशासित प्रदेश होने के बाद भी चंडीगढ़ में केवल दो ही लोगों को ही टीका लगा है।
यह पिछले कई दिन से आंकड़ा मंत्रालय की रिपोर्ट में देखने को मिल रहा है। इसी तरह छत्तीसगढ़ में 1028, हिमाचल प्रदेश में 14, झारखंड में 94, मेघालय में 6, नगालैंड में चार, पुडुचेरी में एक, त्रिपुरा में दो और तेलंगाना में 500 युवाओं को ही टीका लगा है।
अब तक 35 लाख युवाओं को टीका
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को बताया कि एक से 12 मई के बीच देश में 34.80 लाख युवाओं को पहली खुराक दी जा चुकी है। बीते बुधवार को टीकाकरण कार्यक्रम के 117 वें दिन 18,94,991 लोगों को वैक्सीन लगा जिनमें 18 से 44 वर्ष की आयु वाले 4.31 लाख लोग शामिल थे।
इसी के साथ ही देश में अब कुल टीकाकरण का आंकड़ा 17.72 करोड़ पहुंच चुका है। दुनिया में सबसे ज्यादा टीकाकरण अब भी भारत में किया जा रहा है। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्रालय ने टीकों की कमी से इनकार करते हुए कहा, 18 से 44 वर्ष की आयु वालों को 30 राज्यों में टीकाकरण किया जा रहा है।
दिल्ली में कोवाक्सिन खत्म
दिल्ली में कोवाक्सिन टीके का स्टॉक खत्म होने के कारण 100 से ज्यादा टीकाकरण केंद्र बंद करने पडे़ हैं। ऐसे में 18 से 44 वर्ष तक के लोगों का कोवाक्सिन से होने वाला टीकाकरण बंद कर दिया गया है। हालांकि, इसी बीच दिल्ली को कोविशील्ड की 2,67,690 खुराक मिली हैं जो अगले 9 दिन तक टीका देने के लिए काम आएगा।
2-18 साल के बच्चों पर होगा कोवाक्सिन का परीक्षण
देश की पहली स्वदेशी कोरोना वैक्सीन का अब बच्चों पर भी परीक्षण होगा। केंद्र सरकार के ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने बृहस्पतिवार को भारत बायोटेक फॉर्मा कंपनी को अंतिम मंजूरी दे दी है। जल्द ही देश के अलग अलग अस्पतालों में 2 से 18 वर्ष की आयु वालों पर पर दूसरे और तीसरे चरण का परीक्षण शुरू होगा।
इस दौरान 525 बच्चों को परीक्षण में शामिल करते हुए 28 दिन के अंतराल में दो बार खुराक दी जाएगी और फिर एंटीबॉडी के स्तर की जांच होगी। इस पूरे अध्ययन में करीब दो से तीन माह का वक्त लग सकता है।
क्या टीके की वजह से खुद को फांसी पर लटका लें: केंद्रीय मंत्री
अदालत ने अच्छी मंशा से कहा है कि देश में सबको टीका लगवाना चाहिए। अगर अदालत कल कहती है कि आपको इतने (टीके) देने हैं और यह अगर न बन पाए, तो क्या हमें खुद को फांसी पर लटका लेना चाहिए।-केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा