उत्तराखंड में चीनी घुसपैठ पर चुप्पी तोड़ते हुए सरकार ने कहा है कि सूबे में चीनी सेना का आना घुसपैठ नहीं बल्कि सीमा लांघने का मामला है। चीनी सेना के घुसपैठ के मुद्दे पर विपक्ष की मांग के बाद रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा का ठीक से निर्धारण नहीं किया गया है, इसलिए इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं।
उन्होंने कहा कि यह घुसपैठ नहीं बल्कि सीमा उल्लंघन का मामला है। रक्षा मंत्री ने घटना की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि चमोली जिले के बाड़ाहोती क्षेत्र में 22 जुलाई को पीपल्स लिबरेशन आर्मी के दो जवान भारतीय सीमा में 200 मीटर तक घुस आए थे।
निगरानी कर रहे भारतीय जवानों ने जब उन्हें वापस जाने को कहा तो वे चले गए। उन्होंने कहा कि स्थानिय स्तर पर दोनों देश की सेनाओं के बीच होने वाली फ्लैग मिटिंग में मामले को उठाया गया है। अब मामला सामान्य हो गया है।