एएमयू में बवाल के बाद सक्रिय एजेंसियों का फोकस बवाल की हकीकत जानने के साथ-साथ तंजील हत्याकांड में वांछित दो लाख का इनामी शूटर मुनीर भी है। इसके पीछे की कई ऐसी हकीकत हैं, जिनके चलते बलवाइयों के मुनीर से कनेक्शन पर एजेंसियां काम कर रही हैं और संदेह जता रही हैं कि इन नामजदों में से कुछ मुनीर की तरह ही गायब न हो जाएं।
फिलहाल आधिकारिक तौर पर कोई बात बाहर नहीं आ रही। मगर अंदरखाने की मानें तो इस बवाल में शामिल कुछ आरोपी व नामजद मुनीर, अतीउल्ला और आशुतोष के कॉमन फ्रेंड भी रहे हैं। इसलिए इन आरोपियों व मुनीर के कनेक्शन पर ज्यादा काम हो रहा है।
सूत्रों के अनुसार अब तक के संकेतों से साफ है कि रविवार रात एएमयू में जो कुछ हुआ, वह अचानक नहीं। इसके लिए लंबे समय से अंदरखाने मौका तलाशा जा रहा था। मगर सटीक मौका न मिलने के कारण बल्वाई चुप्पी साधे हुए थे। रविवार रात मोहसिन से मामूली झगड़े के बाद गाजीपुर कैंप ने यूनियन हॉल पर एकत्रित होकर छात्रों की भीड़ जुटाई और इसके बाद यह लोग प्रॉक्टर कार्यालय पहुंचे।
हालांकि इस दौरान हाबी गाजीपुर कैंप था। मगर अचानक गाजीपुर कैंप के महताब की हत्या हो गई। इसके बाद ऐसे लोग नामजद हुए, जिनमें से तमाम के संभल, आजमगढ़ और मुनीर कैंप से रिश्ते हैं। बस कहानी में आए इस मोड़ पर एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। इसी बीच प्रॉक्टर के इस बयान कि उन्हें तमंचा लेकर छात्र तलाश रहे थे ने भी एजेंसियों का रुख इसी दिशा में मोड़ दिया है। वहीं एक बात यह भी सामने आई है कि आलमगीर की हत्या के बाद कुछ छात्र गुटों ने धरना दिया। उस धरने के दौरान भी माहौल बिगाड़ने की साजिश रची गई। मगर उस समय माहौल बिगड़ता तो नुकसान मुनीर कैंप को ही होता।
इसलिए मुनीर समर्थकों ने उस धरने से दूरी बनाई और अचानक मुनीर की दहशत में उस धरने को खत्म कराया गया। इस बात की चर्चा उस समय से लेकर आज तक कैंपस में जोरों पर है और लोग बताते हैं कि किस तरह मुनीर की दहशत में धरना खत्म हुआ। अब जब तंजील कांड में मुनीर का नाम आने के बाद कैंपस में माहौल बनने बिगड़ने लगा और अचानक घटना हो गई।
अंदेशा है कि यह घटना ध्यान भटकाने का भी एक मकसद रहा होगा। कुल मिलाकर यही वजह हैं कि इस घटना के नामजदों के मुनीर से कनेक्शन जुड़ रहे हैं और लोकल पुलिस के साथ-साथ एजेंसियां, एसटीएफ, एटीएस की टीमें भी इस घटना के नामजदों पर काम कर रही हैं। उनका मकसद है कि शायद इन नामजदों की मदद से वह मुनीर तक पहुंच सकें। अंदेशा है कि इस घटना की खबर किसी न किसी तरह से मुनीर तक पहुंचाई जाएगी।