राष्ट्रीय जांच एजेंसी की चार्जशीट में यह खुलासा हुआ है। एनआईए ने मुंबई कोर्ट में औरंगाबाद आईएसआईएस आतंकी साजिश मामले में लीबिया स्थित आईएसआईएस के एक आतंकवादी समेत दो दहशतगर्दों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। ये आतंकी, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद), महाराष्ट्र, लिंक्ड मॉड्यूल के साथ जुड़े हुए थे। मोहम्मद जोहेब खान को एनआईए ने इस साल फरवरी में कई स्थानों पर गहन तलाशी के बाद गिरफ्तार किया था। एनआईए ने लीबिया स्थित मोहम्मद शोएब खान के साथ आईएसआईएस के भारत विरोधी एजेंडे को बढ़ावा देने की साजिश में यह आरोप पत्र दायर किया है। इस संगठन के लोगों ने पूरे भारत में संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर आतंकी हमले करने की प्लानिंग की थी। इसके लिए गुमराह युवाओं को भर्ती करने की तैयारी की गई। युवाओं का ब्रेन वॉश किया गया।
जांच एजेंसी के अनुसार, इन दोनों आरोपियों पर आईपीसी और यूए (पी) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। एनआईए ने अपने आरोप पत्र में आईएसआईएस/आईएस के विदेशी-आधारित आकाओं की संलिप्तता के साथ साजिश में अंतरराष्ट्रीय संबंधों का भी खुलासा किया है।
एनआईए, जो भारत में आईएसआईएस मॉड्यूल के नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार काम कर रही है, उसने अपनी जांच में पाया था कि इन दोनों लोगों ने आईएसआईएस के स्वयंभू खलीफा के प्रति 'बायथ' (निष्ठा की प्रतिज्ञा) ली थी। यह शपथ इन्हें इसलिए दिलाई गई, ताकि ये आतंकी हमलों को गंभीरता के साथ अंजाम दे सकें।
हमलों को अंजाम देने के बाद इन्हें भारत से बाहर भेजने का इंतजाम किया गया था। इस साजिश के तहत भारत के कई शहरों पर आतंकी हमले किए जाने थे। हमलों के बाद ये दोनों और सुरक्षा एजेंसियों के हाथ में न लग सकें, इसके लिए इन्हें अफगानिस्तान या तुर्की भगाने की योजना बनाई गई थी। आईएसआईएस की चरमपंथी और हिंसक विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए ये दोनों, एक वेबसाइट विकसित करने में भी सक्रिय रूप से शामिल थे। इन्होंने वेबसाइट के माध्यम से दुनिया भर के युवाओं को आईएसआईएस की तरफ आकर्षित करने की योजना बनाई थी। जांच से यह भी पता चला कि मोहम्मद जोहेब खान, जिसे मोहम्मद शोएब खान ने भर्ती किया था, ने लोकल स्तर पर एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था।
उसने भारत में आईएसआईएस की नापाक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए गुमराह युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के लिए विशेष क्लास लगाई गई। औरंगाबाद क्षेत्र के 50 से अधिक युवाओं को आईएसआईएस के समूह में जोड़ा गया। दोनों आरोपियों ने युवाओं को विस्फोटकों के निर्माण और आईईडी तैयार करने का प्रशिक्षण भी दिया था। हालांकि यह प्रशिक्षण ज्यादातर वीडियो के द्वारा साझा किया गया।