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महाराष्ट्र: 'दुनिया में बजने लगा सनातन का डंका', PAK में संस्कृत-गीता पढ़ाने के फैसले पर बोले शिवसेना UBT नेता

Sun, 14 Dec 2025 08:01 AM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।

सार

शिवसेना नेता आनंद दुबे ने कहा कि पाकिस्तान के विश्वविद्यालय में संस्कृत पढ़ाने से वहां के लोगों में समझ बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म व भारत के हिंदुओं का डंका अब पूरी दुनिया में बजने लगा है। वहीं, कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने भी इस फैसले का स्वागत किया। 
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आनंद दुबे - फोटो : एक्स/एएनआई/वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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पाकिस्तान के एक विश्वविद्यालय में संस्कृत भाषा का पाठ्यक्रम शुरू किए जाने पर शिवसेना नेता आनंद दुबे ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, अगर लाहौर विश्वविद्यालय में संस्कृत के जरिये महाभारत और गीता का ज्ञान दिया जा रहा है, तो वहां के लोगों में कुछ समझ जरूर आएगी। सनातन और भारत हिंदुओं का डंका पूरी दुनिया में बजने लगा है। हम जरूर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को वापस लेंगे। पाकिस्तान में इतनी अशांति है, नहीं तो हम पाकिस्तान पर भी कब्जा कर लेते। लेकिन रोज-रोज पाकिस्तान को संभालने की सिरदर्दी कौन लेना चाहता है?
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वहीं, कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा, पाकिस्तान भारत से अलग होकर बना था। इसलिए पाकिस्तान भी भारत के इतिहास से जुड़ा है। पाकिस्तान में कुछ अच्छे लोग आगे आ रहे हैं, जो एक अच्छी बात है और हमें इसका स्वागत करना चाहिए। 
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अंडमान और निकोबार में एक कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर दलवई ने कहा, वहां कौन कहता है कि भारत का बंटवारा हुआ? शायद कोई नहीं। शायद वे लोग अपनी 'शाखा' में ऐसी बातें करते हैं। सावरकर की मूर्ति पर यह भी लिखा जाना चाहिए कि उन्होंने अंग्रेजों से कितनी बार माफी मांगी थी। 
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पाकिस्तान में पहली बार बच्चे संस्कृत पढ़ेंगे और हिंदू धर्म ग्रंथ गीता का अध्ययन करेंगे। दरअसल लाहौर प्रबंधन विज्ञान विश्वविद्यालय (एलयूएमएस) ने पहली बार संस्कृत को अपने पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है। आजादी के 77 साल बाद यह कदम पाकिस्तान में शैक्षिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा। संस्कृत कोर्स की शुरुआत एक साप्ताहिक कार्यशाला से हुई थी, जो अब कोर्स में बदल गई है। एलयूएमएस अब महाभारत और भगवद्गीता पर अलग कोर्स शुरू करने की तैयारी में है। इस प्रयास से पाकिस्तान में संस्कृत के विद्वान तैयार होंगे।

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