एनसीपी प्रनुख शरद पवार ने शिवसेना के शनिवार को विधानसभा चुनाव के लिए जारी किए गए घोषणा-पत्र में 10 रुपये में भोजन उपलब्ध कराने के चुनावी वादे का मजाक उड़ाते हुए कहा है कि इस तरह की ‘झुणका भाकर’ योजनाएं पहले भी शुरू की गई थी जो कि बाद में खत्म हो गईं। सोलापुर जिले के बरशी में एक अभियान रैली में पवार ने कहा कि 1990 के दशक में पहली शिवसेना-भाजपा गठबंधन सरकार ने इसी तरह की योजना के जरिये भोजन उपलब्ध कराने के लिए कई केंद्रों की शुरुआत की थी। लेकिन कोई भी नहीं जानता कि बाद में इसे क्यों बंद किया गया और अब सेना के कार्यकर्ता इसे क्यों भुनाने की कोशिश कर रहे हैं।
शिवसेना की 10 रुपये में थाली की घोषणा के साथ भाजपा द्वारा पांच रुपये में भरपेट भोजन वाली थाली की चर्चा शुरू हो गई है। कहा जा रहा है कि इस योजना से भाजपा शिवसेना की चुनावी थाली में छेद कर देगी। इस साल मार्च में नागपुर के ग्रामीण इलाकों में बांध निर्माण काम में लगे मजदूरों के लिए फडणवीस सरकार ने प्रयोग के तौर पर ‘अटल आहार योजना’ शुरू की थी, जिसमें केवल पांच रुपये में भोजन दिया जा रहा था। शिवसेना की योजना को काटने के लिए भाजपा यह योजना पूरे राज्य में लागू कर सकती है।
लोकसभा चुनाव में भाजपा-शिवसेना मिलकर चुनाव लड़े थे और साझा घोषणापत्र जारी किया था। मगर विधानसभा चुनाव में बढ़त बनाने के लिए शिवसेना ने अपना घोषणापत्र अलग जारी किया। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता माधव भंडारी ने कहा है कि अटल थाली योजना का प्रयोग सफल रहने के बाद चुनाव पश्चात भाजपा भी गरीबों के लिए सस्ती दर पर इस थाली की योजना पूरे राज्य में ला सकती है।