ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में कहा कि तमिलनाडु सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2.15 लाख मकान गरीबों को नहीं दिए। 3.10 लाख मकान भी बने नहीं हैं, जबकि 608 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा यह गरीबों के साथ अन्याय है और राज्य सरकार को जल्द जरूरतमंदों को घर देने का काम करना चाहिए।
ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को लोकसभा में तमिलनाडु की स्टालिन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत केंद्र सरकार ने गरीबों के लिए बजट आवंटित किया, लेकिन राज्य सरकार ने लोगों को घर नहीं दिए।
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इसके साथ ही एक प्रश्न का जवाब देते हुए शिवराज ने कहा, 2.15 लाख मकान लोगों को दिए ही नहीं गए और करीब 3.10 लाख मकान अब तक बने नहीं हैं, जबकि इसके लिए पहले ही 608 करोड़ रुपये तमिलनाडु सरकार को भेजे जा चुके हैं। यह गरीबों के साथ सीधा अन्याय है। उन्होंने कहा कि मुझे दुख है कि केंद्र ने गरीबों के लिए बजट दिया, लेकिन एक साल से ज्यादा हो गया, लाखों घर लोगों को नहीं मिले। पैसा खाते में पड़ा है, मगर मकान नहीं बने। यह गरीबों के साथ अन्याय है।
गरीबों को हक दे तमिलनाडु सरकार- शिवराज सिंह
शिवराज ने कहा, 2018 की आवास+ सूची में दर्ज 50,815 घर भी अब तक नहीं दिए गए। साथ ही 2024 में राज्य सरकार को जरूरतमंदों की पहचान के लिए सर्वे करना था, लेकिन वह भी नहीं किया गया। तमिलनाडु सरकार से आग्रह है कि गरीबों को उनका हक दे। मकान गरीबों के जीवन बदलने के लिए बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना सिर्फ घर नहीं देती, बल्कि ग्रामीणों को रोजगार और अर्थव्यवस्था को नई ताकत भी देती है।