उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिकरू गांव में दो जुलाई की रात को दबिश देने गई पुलिस की टीम पर साथियों के साथ हमला कर आठ पुलिस कर्मियों की हत्या करने वाले विकास दुबे को शुक्रवार को एनकाउंटर में मार गिराया गया। वहीं, उसकी मौत के बाद से देशभर की राजनीतिक पार्टियों ने उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। दूसरी तरफ, शिवसेना ने एनकाउंटर को सही ठहराया है।
शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा कि जिन लोगों की तरफ से इस एनकाउंटर को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं, दरअसल, वो लोग आठ पुलिस कर्मियों की शहादत का अपमान कर रहे हैं। सामना में आगे लिखा कि विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद से उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश की जनता ने चैन की सांस ली है।
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शिवसेना के अनुसार, लोकतंत्र के संरक्षक और मानवतावादी इस एनकाउंटर को लेकर कितने भी सवाल उठाए, लेकिन जनता की तरफ से इसका स्वागत किया गया है। अपने मुखपत्र में शिवसेना ने लिखा कि विकास दुबे कोई साधारण अपराधी नहीं था, बल्कि एक गैंगस्टर और आतंकवादी था। पुलिस ने उसे एनकाउंटर में मार गिराया है, तो इस सवाल क्यों उठ रहे हैं?
इस पर सवाल करने का मतलब है कि आप उन आठ पुलिस कर्मियों की शहादत का अपमान कर रहे हैं। वह कोई संत या महात्मा नहीं था, बल्कि सुपारी लेकर निर्ममता से हत्या करने वाला एक कुख्यात अपराधी था। इसलिए इस मामले पर इतना कोलाहल करने की कोई जरूरत नहीं है।