नागरिकता (संशोधन) विधेयक पर लोकसभा में मतदान के दौरान शिवसेना ने लोकसभा में सरकार के पक्ष में मतदान किया था, लेकिन राज्यसभा में उसने अपना स्टैंड बदल लिया। शिवसेना ने राज्यसभा में मतदान में हिस्सा नहीं लिया।
विधेयक को पारित कराने को लेकर मतदान का समय आने पर शिवसेना ने सदन का बहिष्कार करने का फैसला किया। शिवसेना के इस स्टैंड पर गृहमंत्री अमित शाह ने भी तंज कसा। उन्होंने सदन में चर्चा का जबाव देते हुए शिवसेना पर निशाना साधा।
शाह ने कहा कि कैसे-कैसे लोग हैं सभापति महोदय, जो सत्ता के लिए रातों-रात बदल जाते हैं। शिवसेना के स्टैंड में इस बदलाव को कांग्रेस अध्यक्ष का दबाव माना जा रहा है। शिवसेना द्वारा लोकसभा में विधेयक के पक्ष में मतदान करने पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नाराजगी जताई थी। बताते हैं कांग्रेस अध्यक्ष के इस संदेश को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे तक पहुंचा गया था और इसके बाद शिवसेना ने अपना स्टैंड बदला।