शिवसेना सांसद संजय राउत ने वीर सावरकर को लेकर फिर एक बार कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग वीर सावरकर का विरोध करते हैं वे किसी भी विचारधारा या पार्टी से हों। उन्हें अंडमान के सेल्यूलर जेल में दो दिन रहने दें। जहां सावरकर को बंधक बनाया गया था। तब उन्हें उनके बलिदान और उनके योगदान का अहसास होगा।
संजय राउत ने बेलगाम में दावा किया कि पार्टी संस्थापक बाल ठाकरे को जब यह बताया गया कि मुसलमान जगह के अभाव में सड़क पर नमाज पढ़ने के लिए मजबूर हैं तो उन्होंने सरकार से कहा था कि इसके लिए मस्जिदों को अधिक निर्माय योग्य स्थान (एफएसआई) मुहैया कराना चाहिए। कर्नाटक के बेलगाम में एक समारोह को संबोधित करते हुए शिवसेना सांसद ने कहा कि सरकार का आधार अगर धर्म बन गया तो भारत दूसरा पाकिस्तान बन जाएगा।
शिवसेना के दिवंगत संस्थापक ठाकरे अपनी आक्रामक हिंदुत्ववादी राजनीति के लिए जाने जाते थे। राउत ने कहा कि बाला साहेब ठाकरे बांद्रा और भिंडी बाजार (मुंबई) में सड़कों पर नमाज पढ़े जाने के बिल्कुल खिलाफ थे। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों से बातचीत की और पूछा कि इसे कैसे रोका जा सकता है।
उन्होंने बताया कि उन्हें (ठाकरे को) बताया गया कि मुसलमानों के पास नमाज पढ़ने के लिए कोई अन्य स्थान नहीं है। मुस्लिम नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार मस्जिदों को अतिरिक्त एफएसआई (निर्माण अधिकार) दे और बाला साहेब ने इस पर सहमति जतायी थी।
शिवसेना नेता ने कहा कि आज नमाज सड़कों पर नहीं पढ़ी जाए तो यातायात बाधित नहीं होगा। राउत ने यह दावा भी किया कि शिवसेना का हमेशा से मानना है कि मुसलमानों को समाज की मुख्यधारा का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार धर्म के आधार पर चलती है तो भारत अगला पाकिस्तान बन जाएगा।