गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने इस साल के पद्म पुरस्कारों और भारत रत्न की घोषणा की थी। इसपर एनडीए की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने ही सवाल खड़े कर दिए हैं। उसने पार्टी के भारत रत्न दिए जाने के चुनाव पर सवाल उठाए हैं। शिवसेना के नेता संजय राउत ने कहा कि हम सभी के भाषण का यह अहम मुद्दा होता है कि 60 साल में कांग्रेस ने देश के लिए कुछ नहीं किया। प्रणब मुखर्जी भी उसी कांग्रेसी कल्चर से ताल्लुक रखते हैं।
शिवसेना ने भाजपा पर आरोप लगाया कि भाजपा हिंदुत्व की बात करती है पर उसपर काम नहीं करती है। राउत ने कहा कि हिंदुत्व की बात करना और हिंदुत्व के मुद्दे पर काम करना दोनों अलग-अगल चीजे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हिंदुत्व और राम मंदिर के मुद्दे पर वोट मांगे। जिसने वोट मांगे हैं उसकी जिम्मेदारी होती है कि वह उन सभी चीजों को पूरा करे। हम चाहते थे कि वीर सावरकर को भारत रत्न मिले।
राउत ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि भाजपा हिंदुत्ववादी है तो देश के प्रखर हिंदूवादी नेता रहे वीर सावरकर 50 साल तक जेल में रहे उन्हें भारत रत्न दिया जाना चाहिए था। शिवसेना के प्रवक्ता का कहना है कि भाजपा सावरकर का सम्मान नहीं करती है। उन्होंने कहा कि सभी नेता सावरकर के भक्त हैं लेकिन जब उनका सम्मान करने की बात आती है तो कोई उनका सम्मान नहीं करता है। जब भाजपा विपक्ष में थी तभी सावरकर को भारत रत्न दिए जाने की मांग उठ रही थी। अब सत्ता में होने के बावजूद उन्होंने उन्हें भारत रत्न नहीं दिया।
शिवसेना के नेता ने भाजपा द्वारा कांग्रेस नेताओं को भारत रत्न देने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'आप कांग्रेस नेताओं को तो भारत रत्न देते हैं पर वीर सावरकर का सम्मान कब करोगे? हम सभी के भाषण का मुद्दा यही होता है कि 60 साल में कांग्रेस ने कुछ नहीं किया और प्रणब मुखर्जी उसी कांग्रेसी कल्चर से आते हैं। प्रणब बाबू की क्षमता बहुत बड़ी है। वह बड़े नेता हैं। मैं सीधे सवाल नहीं उठा रही लेकिन उनकी पूरी जिंदगी कांग्रेस में गई। यदि आज वो हमें भीष्म पितामह लगते हैं तो यह कांग्रेस की देन है।'