फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चीनी कंपनियों से हुए हजारों करोड़ रुपये के करार को लेकर 'चक्रव्यूह' में फंसी शिवसेना

Tue, 23 Jun 2020 07:50 AM IST
श्रीधर मिश्रा सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : PTI
विज्ञापन

लद्दाख के गलवां घाटी में चीन के साथ हिंसक झड़प में 20 सैनिकों की शहादत के बाद शिवसेना काफी मुखर है। शिवसेना चीन को करारा जवाब देने की बात करती है लेकिन चीन से औद्योगिक निवेश करार को लेकर भ्रम की स्थिति में है। वहीं, महाराष्ट्र उद्योग विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि चीन के साथ करार रद्द करने की कोई योजना नहीं है।

विज्ञापन


सोमवार को महाराष्ट्र के उद्योगमंत्री सुभाष देसाई ने कहा कि चीन के साथ हुए करार की स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। चीन की तीनों कंपनियों के साथ हुए करार पर अग्रिम कार्यवाही प्रतीक्षाधीन है। उन्होंने साफ किया कि इस संबंध में केंद्र सरकार के निर्णय का पालन किया जाएगा। मतलब साफ है कि शिवसेना इस मामले में भ्रम की स्थिति में है। राज्य सरकार खुद से कोई निर्णय नहीं लेना चाहती। बीते 15 जून को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की उपस्थिति में मैग्नेटिक महाराष्ट्र कैंपेन में कुल 16 हजार करोड़ रुपये का करार हुआ था। इस करार में चीन की तीन कंपनियां भी शामिल हैं जो राज्य में करीब 5 हजार 20 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी। अब चीन के साथ बिगड़ते हालात को देखते हुए न सिर्फ मौजूदा निवेश करार बल्कि पुराने करार को भी रद्द करने की मांग की जा रही है।

कांग्रेस-एनसीपी ने कहा, चीन के साथ रद्द हो करार

ठाकरे सरकार में शामिल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने महाराष्ट्र सरकार से आग्रह किया है कि लद्दाख में 20 जवानों की शहादत के मद्देनजर चीन की मोटर निर्माता कंपनी ग्रेट वॉट मोटर्स के साथ दूसरे करार भी रद्द करें। दूसरी ओर, एनसीपी के नेता और आवास निर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने भी चीनी कंपनियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।
विज्ञापन


तोड़ दो सभी करार:  कैट

इधर, देश में व्यापारियों के संगठन कान्फेडेरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने भी मांग की है कि देशवासियों के रोष को देखते हुए हाल ही में चीन के साथ हुए निवेश करार को रद्द किया जाए। कैट ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को इस संबंध में पत्र लिखा है। कैट के मुंबई इकाई के अध्यक्ष शंकर वी. ठक्कर ने कहा कि सीमा पर सैनिकों की शहादत के बाद देश एकजुट हुआ है। ऐसे में चीन के साथ व्यापार या करार करना सही नहीं है।

बीते सप्ताह चीन की इन तीन कंपनियों के साथ हुआ है करार
 

ग्रेट वॉल मोटर्स                               

  • निवेश- 3770 करोड़             
  • स्थान- तलेगांव, पुणे

पीएमआई इलेक्ट्रो मोबिलिटी सोल्युशन विथ फोटोन    

  • निवेश- 1000 करोड़     
  • स्थान- तलेगांव, पुणे

हेंगली (चीन) इंजीनियरिंग कंपनी 

  • निवेश- 250 करोड़       
  • स्थान- तलेगांव, पुणे
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें