महाराष्ट्र में नेताओं की बयानबाजी ने एक बार फिर सियासी सरगर्मी तेज कर दी है। प्रदेश कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले के अकेले विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद महाविकास अघाड़ी सरकार में खलबली मच गई है। राज्य में कांग्रेस के अकेले चुनाव लड़ने पर शिवसेना ने कहा है कि हम भी सोचेंगे कि भविष्य में हम क्या कर सकते हैं।
दरअसल, बीते दिनों नाना पटोले ने कहा था कि राज्य में कांग्रेस पार्टी अब अकेले चुनाव लड़ेगी। साथ ही नाना पटोले ने कहा था कि मुख्यमंत्री भी कांग्रेस नेता होंगे। इसपर शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि महा विकास अघाड़ी में एक दोस्त, राज्य कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने कहा कि वे अकेले चुनाव लड़ेंगे। वे सरकार का हिस्सा होंगे मगर अकेले चुनाव लड़ेंगे। आप चुनाव लड़ सकते हैं। फिर बची हुई दो पार्टियां सोचेंगी कि भविष्य में वे साथ में क्या करेंगे।
नाना पटोले के बयान से बढ़ा विवाद
गौरतलब है कि पिछले दिनों कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने कहा कि कांग्रेस महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव अकले लड़ेगी। अगर आलाकमान फैसला लेता है तो वह मुख्यमंत्री का चेहरा बनने को तैयार हैं। पटोले के इस बयान ने महाराष्ट्र की सियासी हलचल को बढ़ा दी है।
कांग्रेस प्रमुख के बयान पर सियासी हलचल तेज
गौरतलब है कि पिछले दिनों कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने कहा कि कांग्रेस महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव अकले लड़ेगी। अगर आलाकमान फैसला लेता है तो वह मुख्यमंत्री का चेहरा बनने को तैयार हैं। पटोले के इस बयान ने महाराष्ट्र की सियासी हलचल को बढ़ा दी है।
शिवसेना भवन पर बुरी नजर डालने का दुस्साहस न करे कोई : राउत
शिवसेना के नेता संजय राउत ने बृहस्पतिवार को कहा कि मुंबई स्थित शिवसेना भवन एक राजनीतिक दल का मुख्यालय ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र की पहचान का प्रतीक है। किसी को भी इसकी तरफ बुरी नजर डालने का दुस्साहस नहीं करना चाहिए। राउत का यह बयान शिवसेना भवन के बाहर भाजपा व शिवसेना कार्यकर्ताओं की झड़प के एक दिन बाद आया है।
अयोध्या में भूमि सौदा विवाद के बारे में शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में कथित ‘अपमानजनक’ टिप्पणियों के खिलाफ भाजपा की युवा इकाई ने विरोध मार्च निकाला था। इसके बाद बुधवार को मध्य मुंबई के दादर इलाके में स्थित शिवसेना भवन के बाहर भाजपा और शिवसेना के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई थी।
इसे लेकर राउत ने संवाददाताओं से कहा कि शिवसेना भवन मराठी और महाराष्ट्र का प्रतीक है। अगर कोई परिसर पर हमले का प्रयास करेगा तो क्या मराठी मानुष और शिवसैनिक चुप रहेंगे? राउत ने कहा कि भाजपा इतने तैश में क्यों आ गई? संपादकीय में आखिर ऐसा क्या कहा था? इसमें तो आरोपों पर सिर्फ स्पष्टीकरण मांगा गया था। क्या स्पष्टीकरण मांगना इस देश में अपराध है।