देश भर में चल रहे किसान आंदोलन और मध्यप्रदेश के मंदसौर में किसानों पर पुलिस फायरिंग मामले में सरकार को अपनी ही सहयोगी पार्टी के हमले का शिकार होना पड़ा। शिवसेना सांसद राजू शेट्टी ने लोकसभा में सरकार से पूछा कि क्या देश के किसान आतंकवादी हैं।
अगर नहीं हैं तो उन पर गोलियां क्यों चलाई गई? इस दौरान उनकी भाजपा के दो सांसद गणेश सिंह और राकेश सिंह ने तीखी नोंकझोंक हुई। नाराज शेट्टी ने कहा कि देश भर के किसान लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान वर्तमान प्रधानमंत्री की ओर से किए गए वादे को ही पूरा करने की मांग की है।
शून्यकाल के दौरान शेट्टी ने किसानों की समस्या का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि देश भर के किसान फसल की लागत से 50 फीसदी अधिक कीमत मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह राजग और भाजपा का चुनावी वादा था। यह हमारे चुनाव घोषणा पत्र में शामिल था। इसी दौरान जब उन्होंने मध्य प्रदेश में एक किसान को थाने में बुला कर पीट पीट कर मारने की बात कही तो भाजपा के दोनों सांसदों ने उन पर गलतबयानी के आरोप लगाया। इससे शेट्टी भड़क गए और पूछा कि क्या देश के किसान आतंकवादी हैं?
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद अब तक ऐसा नहीं हुआ जो मंदसौर में किसानों के साथ हुआ। वह भी तब जब किसान राजग और भाजपा से वादा पूरा करने की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा आज जहां बैठी है उसमें शिवसेना का भी योगदान है। इसलिए किसान उनसे भी सवाल कर रहे हैं। इसके बाद शेट्टी ने नाराजगी जताते हुए सदन से बाहर चले गए।